चहल के छक्के से भारत ने जीती सीरीज

चहल के छक्के से भारत ने जीती सीरीज

बेंगलुरु। मैन आफ द मैच लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (25 रन पर छह विकेट) के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी और प्लेयर आफ द सीरीज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (14 रन पर तीन विकेट) की कहर बरपाती गेंदबाजी के दम पर भारत ने बुधवार को तीसरे और निर्णायक ट्वंटी-20 मैच में इंग्लैंड को 75 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। भारत ने सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी के अर्धशतकों की बदौलत छह विकेट पर 202 रन का विशाल स्कोर बनाया और फिर अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड को 16.3 ओवर में 127 रन पर समेट कर 75 रन से मैच और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड ने आखिरी के अपने सात विकेट मात्र आठ रन के अंदर गंवा दिये। चहल ने सैम बिलिंग्स (0), जो रूट (42), इयोन मोर्गन (40), बेन स्टोक्स (6), मोइन अली (2) और क्रिस जॉर्डन (0) के विकेट झटके। इसके अलावा बुमराह ने जोस बटलर (0), लियाम प्लंकेट (0) और टाइमल मिल्स (0) को आउट किया। भारत ने टेस्ट और वनडे सीरीज भी अपने नाम किया था।
भारत से मिले 203 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेहमान इंग्लैंड की शुरुआत ठीक नहीं रही और चहल ने सैम बिलिंग्स को बिना खाता खोले रैना के हाथों कैच करा दिया। इसके बाद जैसन रॉय (32) ने जो रूट (42) के साथ दूसरे विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी की। रॉय ने 23 गेंदों में 32 रन की अपनी तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। उन्हें लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने धोनी के हाथों कैच कराया। रूट ने चहल की गेंद पर पगबाधा आउट होने से पहले 37 गेंदों में 42 रन की सर्वाधिक पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए। कप्तान इयोन मोर्गन ने कप्तानी पारी खेलते हुए 21 गेंदों पर 40 रन की अपनी तूफानी पारी में दो चौके और तीन छक्के उड़ाए। मोर्गन को चहल ने पंत के हाथों कैच कराया। मोर्गन ने रूट के साथ तीसरे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड एक समय तीन विकेट पर 119 रन बनाकर मजबूत स्थिति में था लेकिन मोर्गन और रूट के आउट होते ही इंग्लैंड के बल्लेबाज ताश के पत्ते की तरह ढह गए। भारतीय गेंदबाजों के आग उगलती गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड ने अपने आखिरी सात विकेट मात्र आठ रन के अंदर गंवा दिये। इंग्लैंड के छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके। भारत की तरफ से 26 वर्षीय चहल चार ओवर में 25 रन पर छह विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे। इसके अलावा बुमराह ने 2.3 ओवर में 14 रन पर तीन विकेट और मिश्रा ने 23 रन पर एक विकेट लेकर भारत को 2-1 से सीरीज जिता दिया। सीरीज का पहला मैच इंग्लैंड ने सात विकेट से जबकि दूसरा मैच भारत ने पांच रन से जीता था। इससे पहले ट््वंटी-20 के बादशाह सुरेश रैना (63) और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर महेंद्र सिंह धोनी (56) के आतिशी अर्धशतकों से भारत ने छह विकेट पर 202 रन का मजबूत स्कोर बनाया। रैना ने 45 गेंदों पर 63 रन की पारी में दो चौके और पांच छक्के उड़ाए। रैना का पिछले सात साल में ट्वंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह पहला अर्धशतक है। रैना ने ट्वंटी-20 में अपना आखिरी अर्धशतक 2010 में बनाया था।
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इसके बाद से अपनी 38वीं पारी में जाकर रैना ने अर्धशतक बनाया है। पूर्व कप्तान धोनी ने सबसे छोटे फार्मेट में अपना पहला अर्धशतक बनाया। धोनी ने 36 गेंदों पर 56 रन में पांच चौके और दो छक्के लगाए। धोनी का इससे पहले सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 48 रन था। धोनी ने ट्वंटी-20 में अपना पहला अर्धशतक बनाने के लिए 76 पारियों तक इंतजार किया जो किसी बल्लेबाज द्वारा पहले ट्वंटी-20 अर्धशतक के लिए सर्वाधिक पारियां है। इससे पहले यह रिकॉर्ड आयरलैंड के गैरी विल्सन (42 मैच) के नाम था। युवराज सिंह ने तूफानी अंदाज एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 27 रन की जोरदार पारी खेली। युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के विश्वकप ओवर की याद दिलाते हुए क्रिस जार्डन के पारी के 18वें ओवर में छक्का, छक्का, चौका और छक्का उड़ाते हुए कुल 24 रन बटोर डाले। ओपनर लोकेश राहुल ने भी कुछ अच्छे हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों पर 22 रन में दो चौके और एक छक्का लगाया। हालांकि कप्तान विराट कोहली दुर्भाग्यपूर्ण रहे कि दूसरे ओवर में ही एक असंभव सिंगल चुराने की कोशिश में जार्डन के हाथों रन आउट हो गए।
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19 साल की उम्र में ट््वंटी-20 पदार्पण करने वाले भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बने रिषभ पंत छठे नंबर पर उतरे और उन्होंने तीन गेंदों में नाबाद छह रन बनाए जबकि आखिरी गेंद पर रन आउट हुए हार्दिक पांड्या ने चार गेंदों में एक छक्के के सहारे 11 रन बनाए। भारत को पारी के दूसरे ओवर में कप्तान विराट के रन आउट होने से झटका लगा लेकिन राहुल और रैना ने दूसरे विकेट के लिए 6.1 ओवर में 61 रन, रैना और धोनी ने तीसरे विकेट के लिए 6.1 ओवर में 55 रन और धोनी तथा युवराज ने चौथे विकेट के लिए मात्र 4.4 ओवर में 57 रन की साझेदारी कर डाली। रैना ने अपना अर्धशतक 39 गेंदों में और धोनी ने 32 गेंदों में पूरा किया। भारत के 100 रन 12.1 ओवर में पूरे हुए जबकि अगले 102 रन 7.5 ओवर में ही पूरे हो गए। भारत ने आखिरी पांच ओवर में 70 रन बटोरे जिससे उसने सीरीज में पहली बार 200 का आंकड़ा पार कर लिया। रैना ने टाइमल मिल्स पर एक छक्का, जॉर्डन पर दो छक्के, आदिल राशिद पर एक छक्का और मोइन अली पर एक छक्का लगाया। राहुल ने अली पर छक्का जड़ा। धोनी ने राशिद और लियाम प्लंकेट पर एक-एक छक्का लगाया। युवराज ने जॉर्डन पर तीन छक्के जड़े। पांड्या ने भी जॉर्डन पर आखिरी ओवर में छक्का लगाया। ऐसा लग रहा था कि विराट को रन आउट करने का कहर जॉर्डन पर टूट पड़ा और उनकी गेंदों पर कुल छह छक्के पड़े। जॉर्डन चार ओवर में 56 रन लुटाकर सबसे मंहगे साबित हुए। जॉर्डन, मिल्स, लियाम प्लंकेट बेन स्टोक्स को एक-एक विकेट मिला।

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