चमकीले दांतों की देखभाल

चमकीले दांतों की देखभाल

अधिकतर लोग दांतों की समस्याओं से परेशान रहते हैं। महंगे से महंगे दन्त मंजन इस्तेमाल करते हैं। डॉक्टरों की सलाह से दांतों का इलाज करवाते हैं। महंगी-महंगी दवाइयों पर पैसा खर्च करते हैं। लोग वक्त और धन दोनों ही का नुकसान करते हैं पर इतना कुछ करने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। वहीं दिन प्रतिदिन दांतों की बीमारियों को लेकर बूढ़े बच्चे व जवान भी परेशान हैं।
इसकी सबसे बड़ी वजह हम खुद होते हैं। हम दांतों की सफाई के प्रति ध्यान नहीं देते और बीमारियां घर कर लेती हैं। दवाइयां व डॉक्टर, महंगे दन्त मंजन प्रयोग करने के बावजूद बीमारी वहीं की वहीं रहती है। जो इस्तेमाल करने वाली चीजें हैं, उन्हें हम भूल गये हैं।
पहले बड़, नीम, कीकर आदि की दातुन लोग इस्तेमाल करते थे और दांतों की बीमारियों से मुक्त रहते थे। न तो पैसा खर्च करना पड़ता था, न दर्द का डर रहता था और समय से पहले दांत भी नहीं गिरते थे परन्तु अब हर कोई दांतों की बीमारी से पीडि़त है। आज हर किसी के दांत, मसूड़ों में कोई न कोई बीमारी घर किये हुए है क्योंकि दांत में दर्द के कारण न खा सकते हैं न पी सकते हैं, ऊपर से दर्द से बुरा हाल।
असमय दांतों के गिरने से वक्त से पहले बुढ़ापे का सामना करना पड़ता है। दांतों में दर्द, खून आना, मुंह से दुर्गंध आने से किसी के पास बैठने और बोलने से वंचित हो जाते हैं। अगर कुछ खाते समय जरा सा जोर से चबा क्या दिया, निकल गई जान। जोर से चबाने पर मसूड़े में टकराने से दर्द शुरू हो जाता है।
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इन सब के साथ दांतों की एक और बीमारी परेशानी का सबब बनी रहती हैं। वो है पायरिया। इसके होने से दांतों का ऊपरी हिस्सा पीला पड़ जाता है। यह बीमारी हमारे दांतों की सुंदरता नष्ट करने के साथ-साथ दांतों को जड़ छोडऩे पर भी मजबूर करती है। दांतों में पस व दुर्गंध आने लगती है परंतु इन सब बीमारियों से आप आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।
– बड़ और करंज की दातुन करने से दांत मजबूत रहते हैं।
– जामफल के पत्तों को अच्छी तरह चबाकर उसका रस मुंह में फैला कर, थोड़ी देर तब रखकर थूक देने से अथवा जामफल की छाल को पानी में उबालकर उसके कुल्ले करने से दांत के दर्द, मसूड़ों में से खून आना दांत की दुर्गंध आदि में लाभ मिलता है।
– कपूर की गोली अथवा लौंग या सरसों के तेल या बड़ के दूध में भिगोया हुआ रूई का फाहा अथवा घी में तली हुई हींग का टुकड़ा दाढ़ के नीचे रखने से दर्द में आराम मिलता है।
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मसूड़ों की सूजन:- जामुन के वृक्ष की छाल के काढे के कुल्ले करने से दांतों के मसूड़ों की सूजन मिटती है व हिलते दांत मजबूत होते हैं।
– नमक के पानी के कुल्ले करने तथा कत्थे अथवा हल्दी का चूर्ण लगाने से गिरे हुए दांत का रक्तस्राव बंद होता है।
– सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर दांतों पर लगाने से दांतों से निकलती हुई दुर्गंध एवं रक्त बंद होकर दांत मजबूत होते हैं तथा पायरिया जड़मूल से निकल जाता है।
– भोजन के पश्चात् अन्य किसी भी पदार्थ को खाने के बाद कुल्ला करना न भूले। गर्म वस्तु के सेवन के तुरंत बाद ठण्डी वस्तु का सेवन न करें।
– रंजना रानी

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