घर पर ही फेशियल से निखारिये चेहरे का सौंदर्य

घर पर ही फेशियल से निखारिये चेहरे का सौंदर्य

सौंदर्य की दृष्टि से चेहरा अन्य शारीरिक अंगों की अपेक्षा कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण माना जाता है। अनाकर्षक चेहरा संपूर्ण सौंदर्य को ही झुठला देता है। चेहरे के सौंदर्य में त्वचा का विशेष योगदान रहता है। कोमल, कान्तिवान व निखरे रंग वाली त्वचा सौंदर्य में चार-चांद लगा दिया करती है।
त्वचा का सौंदर्य यूं तो किसी सीमा तक प्राकृतिक देन ही होता है किंतु नियमित देखभाल उसमें काफी कुछ सुधार कर सकती है। लापरवाही त्वचा को कांतिहीन बना डालती है और अनेक प्रकार के उपद्रव हो जाते हैं।
इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि अधिकांश महिलाएं चेहरे पर प्राकृतिक आभा लाने के प्रयास में आधुनिक प्रसाधनों को थोपकर खूबसूरती का नकली नकाब ओढऩे की आदी हो चुकी हैं। वे शायद यह नहीं जानती कि मेकअप भी आकर्षक त्वचा पर ही जंचता है। आधुनिक सौंदर्य प्रसाधनों के अत्यधिक इस्तेमाल से चेहरे का रहा-सहा सौंदर्य भी नष्ट हो जाता है क्योंकि बहुत-से ऐसे प्रसाधन रसायनों से युक्त होने के कारण त्वचा पर कुप्रभाव डालते हैं।
सौंदर्य प्रसाधनों के निरंतर इस्तेमाल से त्वचा रूखी, कड़ी एवं कांतिहीन हो जाती है। मुंहासे, कील व झाइयां आदि भी प्राय: इसी के परिणाम होते हैं। त्वचा के प्रति बरती गई उपेक्षा अनेक रोगों की जन्मदात्री बन जाती है।
सौंदर्य को अधिक से अधिक समय तक आकर्षक बनाये रखने के लिये यह आवश्यक है कि उसकी पूरी देखभाल की जाए। इसके लिए यह जरूरी नहीं है कि बहुत-सा पैसा खर्च किया जाए। घर पर ही नाम मात्र व्यय करके इसमें सफलता पाई जा सकती है।
चेहरे के सौंदर्य को निखारने में ‘फेशियल विधि बहुत लाभप्रद सिद्ध होती है। फेशियल की क्रि या कई चरणों में सम्पन्न होती है। इसमें कुल एक घंटे का समय लगता है। इस क्रि या को फुरसत में करके चेहरे की सुंदरता को निखारा जा सकता है।
फेशियल की क्रि या कितनी बार करनी चाहिए, इस बात की जानकारी आवश्यक है। त्वचा और आयु को ध्यान में रखकर इसका निर्णय लिया जाता है। किशोरियों और युवतियों के लिए माह में एक बार इस विधि को अपनाना पर्याप्त होता है। खुश्क एवं आभाहीन त्वचा के लिए पन्द्रह दिनों में एक बार इस विधि को अपनाना हितकर होता है। मध्य आयु तक पहुंच जाने के पश्चात् प्रति सप्ताह इस क्रि या को करना आवश्यक हो जाता है ताकि बढ़ती आयु की छाया चेहरे पर न दिखाई दे।
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फेशियल की विधि:- सबसे पहले बालों को पीछे की ओर करके अच्छी तरह से बांध लीजिये। फिर चेहरे को गुनगुने जल से धो लीजिए और मोटे तौलिये से पोंछ लीजिए। शुष्क त्वचा वाली महिलायें क्लीजिंग मिल्क अथवा कच्चे दूध में रूई भिगोकर चेहरे व गर्दन की सफाई कर लें।
गुलाब की पंखुडिय़ों के रस को मलाई या वैसलीन में अच्छी तरह मिलाकर मलहम तैयार कर लें। सामान्य व तैलीय त्वचा के लिए आल परपज क्र ीम या कोल्ड क्र ीम तथा शुष्क त्वचा के लिए विटामिन क्रीम उपयुक्त रहती है। अपनी त्वचा के अनुसार क्र ीम लेकर या गुलाब की पंखुडिय़ों से बनाई क्र ीम को लेकर अच्छी तरह मालिश कर लें। जैतून के तेल से मालिश करना भी लाभप्रद होता है।
आंखों के चारों ओर बहुत धीरे-धीरे मालिश करें। अच्छा होगा कि सिर्फ अंगुलियों से ही मालिश की जाये। शेष चेहरे पर मालिश करते समय हल्का दबाव भी डालना चाहिए।
मालिश करने के बाद चेहरे पर भाप देनी चाहिए। इसके लिए किसी चौड़े मुंह वाले बर्तन में पानी भरकर उबलने के लिए रख दें। जब पानी खौलने लगे, तब अपने चेहरे को उसके ऊपर लाएं ताकि पानी से उठने वाली भाप सीधी आपके चेहरे पर लगे। इसके लिए भाप लेते समय बड़े तौलिये को पीछे की ओर से लाते हुए सिर ढक लें ताकि भाप बाहर न निकल पाये। भाप के पानी में पोदीना, तुलसी, गुलाब अथवा गेंदे के फूलों की पत्तियां डालना लाभकारी होता है। भाप लेने के बाद गालों को थपथपाते हुए सुखा लें।
इसके बाद चेहरे पर फेस पैक लगाने के लिए तैयार हो जाइए। फेस पैक बाजार में भी बना-बनाया मिलता है। घर पर फेस पैक तैयार करने के लिए नीचे कुछ विधियां दी जा रही हैं।
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फेस पेक लेटकर लगाना होता है अत: इसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति की भी मदद ली जा सकती है। पीठ के बल लेटकर दोनों आंखों पर गुलाब जल में भीगे रूई के फाहे रख लें क्योंकि वहां फेस पैक नहीं लगना चाहिए। अब पैक को चेहरे व गर्दन पर लगाकर लेटी रहें। इस बीच बोलना या मुस्कुराना नहीं चाहिए।
दस-पन्द्रह मिनट बाद जब फेस पैक सूख जाये तो गुनगुने पानी की सहायता से उसे साफ कर लें। इसके बाद माश्चराइजर क्र ीम को मल लें। कुछ घरेलू फेस पैक इस प्रकार बनाये जा सकते हैं:-
– थोड़ा-सा सफेद मोम (व्हाइट वैक्स), थोड़ा-सा शहद व एक बड़े प्याज के रस को लेकर अच्छी तरह फेंट लें और चेहरे पर लगायें।
– दो चम्मच शहद तथा एक अण्डे के अन्दर की पीली जर्दी मिलाकर दोनों को अच्छी तरह फेंटकर मिला लें। शुष्क व झुर्रियों से युक्त त्वचा के लिये यह उत्तम है।
– सामान्य त्वचा के लिए जौ के आटे में दही मिलाकर लेप तैयार कर लें।
– सोयाबीन के दानों को रात भर फुलाकर पीस लें। छिलके को उतार लेना ठीक होता है। पिसे हुए भाग में कच्चा दूध मिलाकर लेप करें।
– मसूर के दानों को रात भर भिगो कर प्रात: पीस लें। उसमें थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर ऊपर से थोड़ा-सा बादाम तेल मिलाकर पैक तैयार कर लें।
– पूनम दिनकर

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