गेहूं पर आयात शुल्क समाप्त करना स्थायी नहीं: पासवान

गेहूं पर आयात शुल्क समाप्त करना स्थायी नहीं: पासवान

 नयी दिल्ली । खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने आज कहा कि गेहूं पर आयात शुल्क समाप्त करने का निर्णय स्थायी नहीं है और सरकारी स्तर पर इसका आयात नहीं किया जायेगा । पासवान ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गेहूं पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है और यह स्थायी रूप से नहीं है। बाजार में गेहूं के दाम बढने लगे थे जिसके कारण एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है । खुले बाजार में 10 लाख टन गेहूं जारी कर दिये गये हैं ।
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उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि निजी क्षेत्र ने कितनी मात्रा में गेहूं आयात का करार किया है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है लेकिन सरकार अपने स्तर पर इसका आयात नहीं करेगी । उन्होंने कहा कि गेहूं का उत्पादन इस साल कम नहीं होगा और जरूरत के अनुसार इसका पर्याप्त भंडार है। खुले बाजार में गेहूं की अच्छी स्थिति नहीं होने के कारण ही आयात शुल्क समाप्त किया गया है ताकि व्यापारियों में सही संदेश जाये और जमाखोरों को पता चले कि गेहूं का आयात भी किया जा सकता है । पासवान ने कहा कि वर्ष 2007 से गेहूं पर आयात शुल्क लगाया गया था और 2015 में इस पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क किया गया था। इसी साल इसे बढाकर 25 प्रतिशत किया गया था । इसके बाद इसे घटाकर 10 प्रतिशत किया गया और अब इसे शून्य प्रतिशत कर दिया गया है ।

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