गर्मी का अमृत फल ‘खरबूजा’

गर्मी का अमृत फल ‘खरबूजा’

kharbujaगर्मी आते ही खरबूजा बाजार में अपना रंग जमाने लगता है। खरबूजे में शरीर को सशक्त बनाने वाले तत्व प्रचुर मात्र में मिलते हैं। खरबूजे की पैदावार नदियों के किनारे और बालुई मिट्टी वाले स्थलों पर अच्छी होती है। खरबूजा तरावट देने वाला फल है। यह पचने में भारी होता है, शरीर में गर्मी से होने वाली जलन शांत करता है।
यह दिल व दिमाग को ताकत देता है तथा लू से बचाता है। इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है तथा यह मस्तिष्क की गर्मी शांत करता है। खरबूजा प्रकृति में शीतल तथा वीर्य को बढ़ाने वाला होता है।
– खरबूजे के छिलकों को पीसकर लेप करने से चेहरे की झाईयां मिटती हैं।
– इसके बीज पीसकर लेप करने से चेहरे की सुन्दरता बढ़ती है।
– प्रात: खाली पेट खरबूजा खाने से पाचन क्रि या सक्रि य होती है तथा कब्ज रोग दूर होता है।
– खरबूजे की मींगी में मिश्री मिलाकर ठण्डाई बनाकर पीने से गर्मी का सिरदर्द दूर होता है तथा बैचेनी और प्यास मिटती है।
– लू लगने पर खरबूजे की मींगी पीसकर सिर तथा शरीर पर लेप करने से राहत मिलती है।
– नियमित रूप से खरबूजे का सेवन करने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है।
– खरबूजे को चबाकर खाने से दांतों पर जमा हुआ मैल ‘टार्टर’ साफ होकर दांत चमकीले बनते हैं।
– खरबूजे के छिलकों को सुखाकर चूर्ण बना लें। 10 ग्राम चूर्ण 250 ग्राम पानी में उबालकर व छानकर शक्कर या मिश्री मिलाकर आधा-आधा पानी सुबह-शाम पीने से कुछ ही दिनों में गुर्दे का दर्द दूर हो जाता है।
– भोजन के बाद खरबूजा खाने से छोटे बच्चों का विकास अच्छा होता है।
– पके हुए खरबूजे का सेवन करने से गर्मियों में बार-बार लगने वाली प्यास की शिकायत दूर हो जाती है।
– खरबूजे के टुकड़ों पर सेंधा नमक तथा काली मिर्च डालकर खाने से कब्ज की शिकायत दूर होती है।
सावधानियां:- कुछ देर ठण्डे पानी में भिगोने के बाद ही खरबूजे का सेवन करना चाहिए। खरबूजा खाने के तुरंत बाद दूध नहीं पीना चाहिए। इससे हैजा होने की संभावना रहती है। भूखे पेट खरबूजा खाने से पित्त बढऩे की शंका रहती है। खरबूजे के टुकड़ों में शक्कर और पानी मिलाकर सेवन करने से इसके गुणों में वृद्धि होती है तथा खाने से ज्यादा असरकारक होता है।
अनीता रानी अग्रवाल

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