खून की कमी से हो सकते हैं कई रोग..! महिलाएं रखें ध्यान

खून की कमी से हो सकते हैं कई रोग..! महिलाएं रखें ध्यान

 आज महिलाओं को घर में और बाहर दोनों जगह काम करना पड़ रहा है। वे प्रतिदिन औसतन 11-12 घंटे काम करती हैं। इसमें से 6-7 घंटे ऑफिस में तथा शेष घर की रसोई में या अन्य घरेलू कार्यों में बीत जाते हैं।
इस व्यस्त दिनचर्या में अक्सर महिलाएं बच्चे और पति के सही भोजन का ध्यान तो रखती हैं लेकिन स्वयं बचा खुचा भोजन खाकर ही संतुष्ट हो जाती हैं। फलत: भरपूर आहार नहीं खाने से वे खून की कमी का शिकार हो जाती हैं। खून की कमी एक ऐसा रोग है जिससे शीघ्र मृत्यु तो नहीं होती लेकिन ग्रसित व्यक्ति अधमरा सा जीवन व्यतीत करता है। महिलाओं में खून की कमी खाने के प्रति लापरवाही बरतने तथा काम की अधिकता के कारण होती है। काम में जी न लगना, चक्कर आना, जल्दी थक जाना और सांस फूलना इस रोग के लक्षण हैं। खून की कमी होना भोजन से संबंधित रोग है इसलिए महिलाओं को ऐसे आहार सेवन करने चाहिए जिसमें प्रोटीन, विटामिन सी, आयरन और फोलिक एसिड आदि भरपूर मात्रा में हों। पुरूष और स्त्री की शारीरिक संरचनाएं एक समान नहीं होती। इस शारीरिक संरचना में अंतर के कारण महिलाओं को पुरूषों की तुलना में कुछ विशेष पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
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अधिकांश महिलाएं गर्भावस्था में खून की कमी का शिकार हो जाती हैं। इस समय गर्भवती के शरीर में खून की कमी होना गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक होता है। इसलिए महिलाओं एवं नवजात शिशु में खून की कमी को राष्ट्रीय समस्या मानकर इसे दूर करने के लिए सरकार द्वारा एक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों में नि:शुल्क आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां वितरित की जा रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक गर्भवती महिला को प्रतिदिन 50 मि. ग्राम. आयरन तथा 500 मि. ग्राम. फोलिक एसिड की जरूरत पड़ती है। फोलिक एसिड के सेवन से खून की वृद्धि होती है और यह हरी सब्जियों में पाया जाता है, इसलिए हरी सब्जियों का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। फोलिक एसिड की कमी से स्मरण शक्ति धीरे-धीरे घटने लगती है। जीभ पर छाले पड़ जाते हैं। वृद्धों एवं नशेडिय़ों में अक्सर इस की कमी पायी जाती है। अंकुरित अनाज में काफी शक्ति होती है, इसलिए दैनिक आहार में अंकुरित अनाज जरूर शामिल करना चाहिए। इसके नियमित सेवन से रक्त की वृद्धि तेजी से होती है। अंकुरित अनाज में शरीर के लिए आवश्यक सभी तत्व पाए जाते हैं।
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हरी पत्तेदार साग-सब्जियों में आयरन बहुतायत से पाया जाता है। मौसम के अनुसार पत्तेदार सब्जियों का पर्याप्त मात्र में सेवन करें। इसमें विटामिन सी की मात्र अधिक होती है जो आयरन को शरीर में रखने में सहायक है। भोजन पकाने के लिए लोहे के पात्र का इस्तेमाल करने चाहिए। इससे भी कुछ मात्रा में आयरन की प्राप्ति होती है।
अंकुरित अनाज के लिए साबुत अनाज जैसे चना, मूंग, गेहूं, मोठ आदि को ठंडे पानी में रात भर के लिए भिगो कर रख दें। अगले दिन पानी से निकाल लें। दानों को साफ पानी से 2-3 बार धोकर गीले दानों को किसी कांच के पात्र में रख लें। दानों पर दिन में एक दो- बार पानी का हल्का छींटा देते रहें। 1-2 दिन में अंकुर निकल आयेंगे। इसको कच्चा या पकाकर या सब्जियों की तरह खाया जा सकता है पर कच्चा खाना ज्यादा लाभदायक है। इस प्रकार अनाजों को अंकुरित करके सेवन करने से खून की कमी को दूर किया जा सकता है।
– अर्पिता तालुकदार

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