खिलाडियो की वेतन मांग पर विचार कर सकता है बोर्ड

खिलाडियो की वेतन मांग पर विचार कर सकता है बोर्ड

मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अनुबंधित खिलाडियो के वेतन में बढ़ोतरी पर असंतोष जताने के बाद दोबारा से इस मुद्दे पर विचार कर सकता है।
बीसीसीआई का संचालन कर रही प्रशासकों की समिति(सीओए) ने अनुबंधित राष्ट्रीय खिलाडियो के वेतन में गत माह दोगुनी वृद्धि की थी। इसके बावजूद भारतीय खिलाडियो ने वेतन भुगतान पर असंतोष जताया था। दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड ने वर्ष 2016-17 सत्र के लिये अपने सभी अनुबंधित 32 खिलाडियो के वेतन में तीनों प्रारूपों के लिये बढ़ोतरी भी की थी। हालांकि खिलाडियो ने आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाडियो का हवाला देते हुये कहा था कि भारतीय खिलाडियो को उनकी तुलना में अभी भी कम भुगतान होता है जबकि आईसीसी में उसका योगदान सर्वाधिक है। स्थानीय मीडिया के अनुसार सीओए का नेतृत्व कर रहे विनोद राय ने इस सिलसिले में भारतीय कप्तान विराट कोहली से मुलाकात की है।
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रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई आगामी सत्र में खिलाडियो के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर अगले दो महीने में कोई निर्णय ले सकता है। गत माह बीसीसीआई ने ए, बी और सी वर्ग के अनुबंधित खिलाडियो तथा घरेलू खिलाडियो के वेतन में बढ़ोतरी की थी। लेकिन भारतीय खिलाडियो की दलील है कि वह अभी भी एलेस्टेयर कुक, जो रूट और स्टीवन स्मिथ जैसे इंग्लिश एवं आस्ट्रेलियाई खिलाडियो के वेतन से काफी दूर हैं जो उनकी तुलना से सात से आठ करोड़ रूपये सालाना कमाते हैं। हालांकि भारतीय खिलाडियो को इंडियन प्रीमियर लीग से भी काफी कमाई होती है तथा अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी उन्हें अलग से फीस मिलती है लेकिन यह सब सालाना वेतन से अलग है। गौरतलब है कि वर्ष 2003 में केंद्रीय अनुबंध प्रक्रिया शुरू करने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा भारतीय कोच अनिल कुंबले ने इस बात पर काफी जोर दिया था कि सभी अनुबंधित खिलाडियो को राजस्व का बड़ा हिस्सा मिले न कि कुछ प्रतिशत।

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