खान पान की लापरवाही आमंत्रित करती है मोटापे को

खान पान की लापरवाही आमंत्रित करती है मोटापे को

motapaमोटापा मनुष्य के लिए एक ऐसा अभिशाप है जो शरीर के आकार को बिगाड़ कर उसके भिन्न-भिन्न अंगों के पारस्परिक अनुपात को बिगाड़ देता है। इसीलिए इसे शारीरिक सौंदर्य का शत्रु कहा गया है। वास्तव में यह शारीरिक सौंदर्य का ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य और शारीरिक कार्य कुशलता का भी शत्रु है। मोटापे से आलस्य की वृद्धि होती है और परिश्रम से बचने की इच्छा बलवती होती है।
मोटापा अनेक रोगों की जड़ है। इससे पाचन क्रि या सुस्त हो जाती है। फलस्वरूप श्रम क्षमता क्षीण होने लगती है। शरीर की सहन शक्ति कमजोर हो जाती है व शरीर बेडौल हो जाता है। शरीर का वजन अधिक हो जाने के कारण चलना फिरना कठिन हो जाता है। सोचने समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है।
आवश्यकता से अधिक भोजन करना ही मोटापे का मूल कारण है। यदि भोजन श्रम और कसरत से अधिक होता है तो चर्बी का बढऩा निश्चित ही है। उत्तम और स्वादिष्ट भोजन हर मनुष्य पसंद करता है जबकि शारीरिक परिश्रम करना बहुत कम लोग पसंद करते हैं। यह निश्चित है कि आवश्यकता से अधिक खाया हुआ हुआ भोजन चाहे वह घी हो या प्रोटीन अथवा कार्बोहाइड्रेट, चर्बी के रूप में ही जमा होता है। यद्यपि शरीर में कुछ मात्रा सामान्य मात्रा में चर्बी का होना नितांत आवश्यक है लेकिन इतनी अधिक नहीं कि वरदान की जगह अभिशाप बन जाए।
घी, मलाई, मक्खन, आलू, चावल, मिठाई, तले हुए पदार्थ, चाट, पकौड़ी, सूखे मेवे, मांस, मछली, अण्डे, मदिरा आदि गरिष्ठ तथा तले हुए चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थ चर्बी बढ़ाते हैं और इनका आवश्यकता से अधिक सेवन करना मोटापा बढ़ाता है।
मोटे व्यक्तियों को सामान्य की तुलना में बीमारियां भी अधिक होती हैं। प्राय: देखा जाता है कि मोटे व्यक्तियों को सामान्य लोगों की तुलना में दिल की बीमारी कहीं ज्यादा होती है। जैसे जैसे चर्बी बढ़ती जाती है, रक्तचाप भी बढ़ता है। यही कारण है कि मोटे लोगों को उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी अधिक होती है। इसके अलावा मोटे लोगों में जोड़ों और हड्डियों के दर्द की शिकायत भी सामान्य से अधिक अनुपात में पायी जाती है।
मोटापा वैसे तो स्वयं एक रोग के समान है ही परंतु अन्य बहुत सारे रोगों को भी निमंत्रण देकर बुला लेता है। जैसा कि प्राय: देखा जाता है कि मोटे व्यक्तियों में आंत उतरने का रोग (हर्निया) भी बहुत अधिक होता है। पित्ताशय में पथरी की संभावना भी पतले लोगों की तुलना में मोटे लोगों को अधिक होती है। मोटापे के कारण मस्तिष्क में रक्त ले जाने वाली धमनियों में रूकावट हो जाती है जिससे मस्तिष्क दुर्बल हो जाता है तथा पक्षाघात (लकवा) हो सकता है। शरीर की कीटाणु अवरोध शक्ति कम हो जाती है।
मोटे लोगों को मधुमेह की बीमारी भी अधिक होती है तथा इनकी मृत्यु दर भी सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होती है। इन सब बीमारियों के अतिरिक्त भी अनेक बीमारियां ऐसी हैं जो मोटे लोगों को ही अधिक होती हैं।
इस प्रकार हम देखते हैं कि मोटापा अनेक रोगों की खान है अत: इसे दूर किया जाना बहुत जरूरी है। आइये कुछ उपायों पर विचार करते हैं-
वास्तव में मोटापे से मुक्ति पाना स्वयं व्यक्ति पर निर्भर करता है। यदि उसकी स्वयं मोटापे से छुटकारा पाने की इच्छा नहीं है तो फिर उसकी चिकित्सा करना लगभग असंभव है। अत: मोटापे से पीडि़त व्यक्ति को चाहिए कि चिकित्सा कराने से पूर्व मोटापे से छुटकारा पाने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाए।
जो व्यक्ति अपना मोटापा कम करना चाहते हैं, उन्हें घी, मक्खन, मलाई, आलू, चावल, मिठाई, तले हुए पदार्थ, चाट, पकौड़ी, सूखे मेवे, चीनी जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन तत्काल बंद कर देना चाहिए। यदि किसी कारणवश लेना ही पड़े तो अत्यंत कम मात्रा में लेना चाहिए।
ऐसे लोगों को फल और हरी सब्जियां जैसे बीन्स, हरी मटर, सलाद, टमाटर, गाजर, ताजे फल, नमक, काली मिर्च, शक्कर के स्थान पर सैकरीन, आदि खाद्य पदार्थ अधिक खाने चाहिए। रोटी और चावल जितना कम से कम हो सके, खायें। दही जितना खाया जा सके, खा सकते हैं। ऐसे लोगों को एक बात पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए, उन्हें भूख से कम ही खाना चाहिए, अधिक कभी नहीं।
मोटापा कम करने के लिए व्यायाम भी बहुत आवश्यक है। प्रतिदिन खुली हवा में टहलना, दौडऩा तथा तैरना मोटापा घटाने के लिए रामबाण साबित हुए हैं। स्त्रियों के लिए रस्सी कूदना तथा चक्की चलाना बहुत अच्छे व्यायाम हैं। इसके अतिरिक्त किसी विशेषज्ञ की देख रेख में योगासन उत्तानपादआसन, हलासन, सर्वांगासन, जानुशिरासन आदि करना भी इसके इलाज में फायदेमंद साबित हुआ है।
मोटापे से मुक्ति पाने के लिए मालिश करना भी बहुत लाभदायक सिद्ध हुआ है लेकिन मालिश का सही लाभ तभी होगा, जब मालिश के साथ-साथ संतुलित और चर्बी रहित भोजन तथा थोड़ा बहुत नियमित व्यायाम भी किया जाए। जिनका मोटापा थायराइड ग्रंथियों के ठीक से काम न करने से शरीर में चर्बी बढऩे से होता है, उनके शरीर में खून की कमी हो जाती है और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। इस प्रकार उनका पूरा शरीर थुलथुल हो जाता है। शरीर कुछ ज्यादा ही फूला हुआ दिखाई देता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी हो जाता है।
मोटापे का समाधान यदि उपरोक्त उपायों से नहीं हो पाता तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर दवाओं का सेवन करना चाहिए। अधिकांश: दवाएं उन लोगों को दी जाती हैं जो अपने आहार पर स्वयं नियंत्रण नहीं कर पाते या जिनसे व्यायाम नहीं हो पाता है।
वास्तव में मोटापा गलत और भारी भोजन तथा गलत रहन सहन, दिन भर बैठे रहने, योग, व्यायाम या परिश्रम का कोई काम न करने से आता है। अत: पहले से ही इस संबंध में सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी कारणवश आप मोटापे के शिकार हो भी जाएं तो तत्काल इससे छुटकारा पाने की कोशिश करें अन्यथा बड़ा मुश्किल हो जाएगा।
– गजेन्द्र सिंह

Share it
Share it
Share it
Top