क्या आप भी मॉडल बनना चाहते हैं

क्या आप भी मॉडल बनना चाहते हैं

टी.वी और केबल टी.वी की घर-घर में घुसपैठ से चाहे वे सुष्मिता सेन हों या ऐश्वर्य राय, अर्जुन कपूर, रणवीर कपूर या रनबीर सिंह हों, आज बच्चा-बच्चा उन्हें जानता पहचानता है। वे किसी फिल्मी हस्ती से कम मशहूर नहीं हैं। कल के ये मॉडल आज फिल्मों में हीरो हीरोइन बन कर लोगों का दिल लुभा रहे हैं। ये सब लोग पहले मॉडलिंग करके ही फिल्मों में आये और शोहरत की बुलंदियों को छूने लगे।
एक अच्छा मॉडल एक अच्छा अभिनेता होता ही है। बिना अभिनय के मॉडलिंग करना कठिन है। अच्छा मॉडल वही बन सकता है जिस में पूर्ण आत्मविश्वास हो। जिस वस्तु के लिए उसे मॉडल बनाकर उसका प्रचार-प्रसार करना है उसकी पूर्ण जानकारी उसे होनी चाहिए ताकि वे पूर्ण विश्वास के साथ उस वस्तु या पदार्थ के गुण उसकी विशेषताएं लोगों को समझा सकें और लोग उसकी बात पर, उसके हाव भाव पर रीझ कर उस उत्पादन को अपनाने के लिए विवश हो जायें।
आये दिन टी.वी के किसी न किसी चैनल पर कोई न कोई फैशन शो चलता ही रहता है। अक्सर हम देखते हैं कि एक विशेष प्रकार का स्टेज बनाया जाता है जिसकी आकृति अंग्रेजों के ‘एल’ अक्षर की तरह होती है जिस पर मॉडल बनी लड़कियां भिन्न भिन्न परिधानों में लिपटी हुई, लोगों के बीच थिरकती-मटकती हुई आती जाती हैं और देखने वालों के दिलों को धड़काती हैं। इन्हीं मॉडल लड़कियों में से ही कोई आगे चल कर टाप मॉडल बन जाती हैं जिसकी एक राह फिल्मी दुनिया तक भी पहुंचती है। मॉडलिंग आज कल अच्छा खासा शगल बन चला है। इसमें शोहरत के साथ साथ पैसा भी खूब मिलता है। आज के टॉप मॉडल ऐशो इशरत की जिंदगी जी रहे हैं।
लेकिन मॉडलिंग करना और एक अच्छा मॉडल बनना आसान नहीं है। इसके लिए भागीरथ प्रयत्न करने पड़ते हैं। आत्मविश्वास, धैर्य के साथ एक -एक सीढ़ी चढ़कर ही लोग इस मंजिल पर पहुंच सके हैं।
मॉडल बनने के लिए सही मार्ग निर्देशक का होना बहुत जरूरी है। कुछ अति उत्साही लड़के-लड़कियां गलत लोगों के हत्थे चढ़ कर अपना समय और धन दोनों बर्बाद कर बैठते हैं। लड़कियों को तो अपनी इज्जत-आबरू तक लुटानी पड़ सकती है। सो इस लाइन में सही मार्ग निर्देशक का चयन बहुत जरूरी है। अगर आपका रहनुमा सही है और आपका कैमरामैन भी सही है तो आपको आधी मंजिल मिल गई समझो।
आजकल देश में मॉडलिंग सिखाने वाली कई संस्थाएं काम कर रही हैं जो समय समय पर समाचार पत्रों आदि में विज्ञापन देकर इस क्षेत्र में आने के इच्छुक लड़के-लड़कियों को अपनी संस्था ज्वाइन करने का आग्रह करते हैं। चुने गये युवा युवतियों को लोगों को समझ लाने के लिए ये संस्थाएं फैशन-शो, फैशन परेड और सौंदर्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित करते हैं।
सौंदर्य प्रतियोगिता में युवतियों की सुंदरता को ही जांचा परखा जाता है जबकि फैशन परेड में विभिन्न परिधानों का महत्त्व बताया दिखाया जाता है।
फैशन परेड आजकल हर बड़े शहर मं होने लगी है। मुंबई,कलकत्ता और दिल्ली में ऐसे आयोजन आम हो गये हैं। यहां के दर्शक भी ऐसे आयोजनों के आदी हो चुके हैं मगर दूसरे बी श्रेणी के शहरों में दर्शकों को अभी बहुत कुछ सीखना समझना है।
फैशन शो में मॉडलों को हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। पता नहीं कोई दर्शक कब क्या फब्ती कस दे, क्या फिकरा उछाल दें, कोई हूट कर दें। ऐसी स्थिति में मॉडल को धैर्य रखना होता है तथा अपने-आपको सामान्य दिखाने का अभिनय भी करना पड़ता है।
अगर आप भी एक मॉडल बनना चाहते हैं तो पहले आप एक अच्छी माडलिंग एजेंसी से संपर्क स्थापित करें। अपना फोटो सेशन किसी अच्छे फोटोग्राफर से करायें और धैर्य तथा पूर्ण आत्मविश्वास से एक एक कदम आगे बढ़ाये। आप पायेंगे कि आपकी मेहनत रंग ला रही है।
– सुनील पलिया

Share it
Share it
Share it
Top