क्या आप बेवजह थकान अनुभव करते हैं..?

क्या आप बेवजह थकान अनुभव करते हैं..?

आज व्यक्ति थोड़ा-सा काम करता है कि वह थकावट का अनुभव करने लगता है। दिन के समय भी व्यक्ति अपने आपको निढाल सा महसूस करता है। दिन भर की मेहनत के बाद थके हारे ऑफिस से लौटना तो स्वाभाविक है पर दिन में भी बेवजह थकान व सुस्ती का अनुभव होना अव्यवहारिक तो है ही, साथ नुक्सानदेह भी है। आइए जानें कि इस थकान के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।
जो व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेते, उन्हें सारा दिन थकान का अनुभव होता है। विश्राम हर व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है चाहे वह शारीरिक श्रम करता हो या मानसिक। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर में थकान होती है और इसके फलस्वरूप शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी घटती है।
प्राय: लोग सोचते हैं कि अगर थकावट अनुभव हो रही है तो कुछ खा पी लिया जाए ताकि शरीर को ऊर्जा मिल जाए पर असल में उस समय ऊर्जा की नहीं बल्कि नींद की आवश्यकता होती है। पर्याप्त नींद न लेने से व्यक्ति की आंखें लाल रहती हैं। सारा दिन उबासियां उसे घेरे रहती हैं, चेहरे की ताजगी गुम हो जाती है और व्यक्ति अप्रसन्न सा रहता है।
नींद पूरी न होने का असर व्यक्ति के कार्य करने की क्षमता पर भी पड़ता है और वह धीमी गति व वास्तविक क्षमता से कम कार्य करता है, इसलिए व्यक्ति को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए ताकि वह स्वयं को स्वस्थ अनुभव करे। कई बार शारीरिक थकान अधिक होने से भी व्यक्ति स्वयं को थका हुआ-सा महसूस करता है पर यह थकान स्वाभाविक है। ऐसी थकान महसूस होने पर आराम बेहद जरूरी होता है। कई बार व्यक्ति मानसिक थकान भी अनुभव करता है। अगर आप बहुत समय तक किसी कार्य में जुटे रहते हैं तो आप थके मांदे और सुस्त हो जाते हैं।

इसका कारण यह होता है कि जब आप लंबे समय तक कोई कार्य करते हैं तो आपके कार्य की गुणवत्ता तेजी से घटती है क्योंकि आपका मस्तिष्क लंबे समय तक कार्य करता रहता है। इसका इलाज यह है कि आप लंबे समय तक जिस एक ही कार्य में लगे हुए हैं, उसे कुछ समय के लिए छोड़ दें और कोई अन्य कार्य करें जिससे आपको उत्साह व चुस्ती का एहसास हो जैसे कोई किताब पढ़ ली, थोड़ा टहल लिया आदि। इससे आपकी चुस्ती पुन: लौट आती है।
आज का दौर ऐसा है कि सुबह उठे, दफ्तर गए, घर लौटे, खाना खाया और सो गए। रोजमर्रा एक ही रूटीन और व्यक्ति की जिंदगी भी रूटीन बन जाती है इसलिए बहुत जरूरी है कि इस रूटीन को बदला जाए जैसे शाम को पार्क आदि में घूमना, छुट्टियों में किसी आनंददायक जगह जाना जहां रोजमर्रा का वह रूटीन न हो और आप हर चिंता से दूर हों।
इसके बाद आप अपने को खुशनुमा महसूस करेंगे। थकावट की वजह कोई बीमारी भी हो सकती है क्योंकि अगर स्वास्थ्य सही नहीं है तो अपने आप शारीरिक ऊर्जा में कमी आ जाती है और व्यक्ति थका महसूस करता है। ऐसी अवस्था में आपको डॉक्टर की जरूरत होती है।
निराशापूर्ण भावनाएं भी व्यक्ति में थकान लाती हैं। अगर व्यक्ति को चिंता, हताशा न हो तो वह बहुत अधिक काम करने के बाद भी स्वयं को थका हुआ नहीं बल्कि प्रसन्नचित्त अनुभव करता है इसलिए आशावादी व्यक्ति सदा प्रसन्न नजर आता है।इसके अतिरिक्त आप योग और व्यायाम द्वारा थकान से छुटकारा पा सकते हैं। छुट्टियों में ऐसी जगह जाएं, जहां आप मुक्त हों और जिम्मेदारियों से मुक्त कुछ समय बिता सकें। अपने आपको अलग-अलग तरह की गतिविधियों में संलग्न करिए। कुछ समय रचनात्मक कार्यों में लगाइए ताकि आपके मन को भी शांति मिल सके। जिन कामों में आप बहुत दबाव व तनाव महसूस करें, उन्हें न करें। जीवन के प्रति सकारात्मक रवैय्या अपनाकर भी आप इस थकावट से छुटकारा पा सकते हैं।?
सोनी मल्होत्रा

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