क्या आप गर्मियों की छुट्टियों में कहीं बाहर जा रहे हैं..?

क्या आप गर्मियों की छुट्टियों में कहीं बाहर जा रहे हैं..?

गर्मी की छुटिट्यों की प्राय: सभी को प्रतीक्षा रहती है। बच्चों की परीक्षाएं समाप्त होते ही लोग हिल स्टेशनों पर सैर सपाटे का कार्यक्रम बनाते हैं। साल भर की व्यस्तता और बोरियत सैर सपाटे के बहाने वे 15-20 दिन में दूर करना चाहते है। सैर सपाटा या पर्यटन पर जाना अच्छी बात है मगर इससे पहले कुछ सावधानियों को बरतना अति आवश्यक है।
पर्यटन स्थलों का कार्यक्रम बनाने से पहले इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि आप और आपके बच्चे पूरी तरह से फुर्सत में हों। अगर किसी बच्चे के परीक्षा परिणाम विपरीत आने की आशंका हो तो उसे पर्यटन की बजाय पढ़ाई में ही लगायें। घर के सारे काम यथासमय निपटा लिये जायें।
घर पर मेहमान आने वाले हों तो उनके कार्यक्रम के अनुसार ही अपनी यात्र का कार्यक्रम बनायें। मेहमान की आवभगत के लिए आपको अपनी सैर सपाटे की कुर्बानी भी करनी होगी। बच्चों को भी इस यात्र के लिए सावधानियां पूर्व में ही समझा दी जायें। पर्यटन स्थल पर जाने से पहले उस स्थान का पूरा विवरण प्राप्त कर लें।
आप जिस स्थान पर घूमने जा रहे हैं, वहां की भौगोलिक स्थिति तथा आवास व खानपान की पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। इसके साथ वहां के दर्शनीय स्थान, होटल, रेस्टोरेन्ट, पहुंचने के साधन और किराये की पूरी जानकारी भी प्राप्त कर लेनी चाहिए।
जब आप पर्यटन स्थल की यात्रा पर रवाना हों, उससे पहले ही अपने दूध वाले, अखबार वाले को पूर्व सूचना दें कि आप बाहर जा रहे हैं इसलिए अमुक दिनों तक यह सेवा बंद रखी जाये। अपने फ्रिज का सारा सामान बाहर निकाल लें तथा घर की विद्युत व्यवस्था का जायजा लेकर उससे जुड़े पंखे, फ्रिज, बल्ब आदि का संबंध विच्छेद करने हेतु मेन स्विच बंद कर
दें।शादी के बाद न बढऩे दें वजन…क्या करें कि वजन काबू में रहे..?

सामान पैक करते समय एक सूची बना लें। कम से कम सामान अपने साथ लें जिससे यात्रा में अनावश्यक बोझ से बच सकें। उस सामान की सूची अपने सूटकेस या बैग में चस्पा कर दें जिससे वापसी के समय सामान पैक करते समय पूरा सामान वापस आ सके। इसके साथ ही एक टार्च, सुई धागा, अवश्य साथ रख लें।
यात्रा के समय बच्चे घर से रवाना होते ही पिकनिक का आनंद लेते हैं और रेलगाड़ी हो या बस, उसमें बच्चे अपना आनंद उठाना चाहते हैं इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार टोकें नहीं मगर सावधानियां बरतने के लिए सचेत करते रहें। उनकी पसंद का नाश्ता, पीने का पानी लेना न भूलें। अपने लिए तथा बच्चों के लिए सत्साहित्य, चित्रकथाओं व पत्र पत्रिकाओं को साथ रखेंगे तो यात्रा का लुत्फ बढ़ जायेगा और समय भी आनंद से कट जायेगा।
ग्रीष्म ऋतु में खान पान

यदि आप अपने वाहन से यात्र कर रहे हैं तो एक थर्मस में दूध, काफी चीनी भी साथ ले सकते हैं। सफर के दौरान एक पोलीथिन की खाली थैली भी रख सकते हैं जिसमें खाने पीने का बचा हुआ कचरा डालकर रेलवे या बस की साफ सफाई में योगदान कर सकते हैं।
सफर में रवाना होने से पहले अपने घर के सभी दरवाजों, खिड़कियों, नल, बिजली को पुन: देख लें, कहीं भूल से कुछ खुला न छूट जायें। पर्यटन स्थल पर जाते समय बच्चों को पेन व डायरी देकर उन्हें यात्रा विवरण लिखने के लिए प्रेरित कर सकते हैं और सफर के दौरान अपने विश्वसनीय पड़ोसी को टेलीफोन पर सम्पर्क कर अपने घर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जिससे आपकी यात्रा सुखदायक और आनन्दमय हो सके।
-अशफाक कादरी

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