क्या अब भी आप तंबाकू सेवन करेंगे…?

क्या अब भी आप तंबाकू सेवन करेंगे…?

आज संपूर्ण विश्व तंबाकू के शिकंजे में जकड़ा हुआ है। अमेरिकी मूल का यह पौधा विश्व भर में उगाया जाता है। मानसिक थकान हो या शारीरिक, व्यक्ति इसे निजात पाने के लिए जिन पदार्थो का सेवन करता है उनमें तंबाकू प्रमुख है। यह तंबाकू ही है जिसने मनुष्य को सदियों से अपने शिकंजे में किसी न किसी रूप में जकड़ रखा है। आइए तंबाकू से संबंधित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्यों का अवलोकन करें और उसके पश्चात् भी क्या आप तंबाकू सेवन पसंद करेंगे।
– तंबाकू से प्रतिवर्ष विश्व भर में 35 लाख लोग मारे जाते हैं, जिसमें अकेले भारत में 9 लाख लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं।
– भारत में प्रतिदिन 2.1 प्रतिशत की दर से धूम्रपान करने वालों की संख्या बढ़ रही है।
– विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पिछले तीस वर्षो में बीड़ी एवं सिगरेट की प्रति व्यक्ति खपत 70 प्रतिशत तक बढ़ी है।
– पूरे विश्व में प्रति मिनट 50 लाख से भी अधिक सिगरेट की खपत होती है।
– लगभग 7 हजार करोड़ सिगरेट प्रतिवर्ष खपाकर करोड़ों रूपए धुएं में उड़ा दिए जाते हैं।
– एक सिगरेट पीने से मनुष्य की आयु 5 मिनट कम एवं प्रतिदिन एक पैकेट सिगरेट पीने से 8 दिन कम हो जाती है।
– तंबाकू के सेवन से दुनिया भर में 10 हजार लोग प्रतिदिन काल के गाल में समा जाते हैं।
पुराने टूथ ब्रश से भी बीमारियां..टूथ ब्रश दो-तीन माह में बदल लें..!

– भारत में धूम्रपान करने वालों में से 70 प्रतिशत लोग बीड़ी पीते हैं। इनमें भी 15 से 65 प्रतिशत महिलाएं हैं।
– धूम्रपान करने वाले 1.1 अरब लोगों में से 1 करोड़ लोग वर्ष 2020 तक मौत के मुंह में चले जाएंगे, अर्थात् प्रत्येक 3 सेकण्ड में एक व्यक्ति की मृत्यु होगी।
– तंबाकू का सेवन न केवल नुकसानदायक है बल्कि मौत को सीधा आमंत्रण देना भी है क्योंकि यह सिद्ध हो चुका है कि तंबाकू में 33 प्रकार के अत्यंत हानिकारक पदार्थ उपस्थित रहते हैं जो मानव के लिए अत्यंत घातक हैं।
– धूम्रपान के कारण महिलाएं कैंसर, हृदय रोग, एम्फीसीमा, समय पूर्व रजोनिवृत्ति, बांझपन, समय से पहले प्रसव पीड़ा एवं गर्भस्थ शिशु के विकास में बाधा, शिश विकलांगता जैसे अनेक रोगों से ग्रस्त हो जाती हैं।
मेरी भी सुन लिया करो…..

– प्राय: लोग इस गलत धारणा के शिकार रहते हैं कि धूम्रपान से शरीर से चुस्ती फुर्ती आती है, मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्तित्व में निखार आता है आदि जबकि यह कतई सत्य नहीं, चिकित्सकों के अनुसार सिरदर्द, सुस्ती, मन में अशांति, दिमागी थकान एवं कब्ज व बदहजमी आदि धूम्रपान की ही देन है।
कितना बेहतर होता यदि हम धूम्रपान के हानिकारक दुष्प्रभावों को समझकर उसके अंदर छिपे कटु सत्य को पहचान पाते और इनसे संबंधित जानकारियों पर अमल कर पाते तो असामयिक और कष्टदायी मौत से दूर रहते हुए एक स्वस्थ और निरोग जीवन जीने का संकल्प अवश्य पूरा होता।
– उमेश कुमार साहू

Share it
Top