कोहली की कप्तानी में विराट जीत,केदार जाधव ने कोहली के साथ की रिकॉर्ड 200 रन की साझेदारी

कोहली की कप्तानी में विराट जीत,केदार जाधव ने कोहली के साथ की रिकॉर्ड 200 रन की साझेदारी

पुणे। कप्तान विराट कोहली (122) और मैन आफ द मैच केदार जाधव (120) के शानदार शतकों और दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए हुई रिकॉर्ड 200 रनों की साझेदारी की बदौलत भारत ने पहले वनडे में रविवार को इंग्लैंड को तीन विकेट से हरा दिया।
इंग्लैंड से मिले 351 रनों के लक्ष्य को भारत ने 48.1 ओवर में सात विकेट खोकर हासिल कर लिया। रनों का पीछा करते हुए भारत की यह चौथी सबसे बड़ी जीत थी। भारत की जीत के हीरो रहे कप्तान विराट कोहली और केदार जाधव जिन्होंने बेहतरीन शतक लगाकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। पहली बार वनडे में कप्तानी कर रहे विराट के करियर का यह 27 वां शतक था। उन्होंने 105 गेदों में 122 रन की अपनी शतकीय पारी में आठ चौके और पांच छक्के उड़ाए। विराट को तेज गेंदबाज बेन स्टोक्स ने डेविड वेल्ली के हाथों कैच कराया। विराट ने 44 गेंदों में अपना अर्धशतक और 93 गेंदों में शतक पूरा किया। उन्होंने केदार जाधव के साथ पांचवें विकेेट के लिए रिकॉर्ड 200 रनों की साझेदारी की। भारत में पांचवें विकेट के लिये यह अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी थी। मैन आफ द मैच केदार ने भी विराट का अच्छा साथ निभाया और अपना शतक पूरा किया। केदार का 13 मैचों में यह दूसरा शतक था। अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे केदार ने मात्र 76 गेंदों में 12 चौके और चार छक्के की मदद से 120 रन की दमदार शतकीय पारी खेलकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। केदार जेक बॉल की गेंद पर बेन स्टोक्स के हाथों लपके गए। इंग्लैंड से मिले 351 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान भारतीय टीम की शुरुआत ठीक नहीं रही और उसने ओपनर शिखर धवन (1) के रूप में 13 के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद केएल राहुल भी कुछ खास नहीं कर सके और आठ रन के स्कोर पर विली की गेंद पर बोल्ड हो गए। लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले सिक्सर किंग युवराज सिंह 12 गेंदों में दो चौके और एक छक्का लगाकर 15 के स्कोर पर स्टोक्स की गेंद पर विकेटकीपर बटलर को कैच थमा बैठे। कप्तानी से इस्तीफा देने के बाद पहली बार बतौर खिलाड़ी खेल रहे महेंद्र सिंह धोनी भी कुछ खास नहीं कर सके और छह गेंदों में एक चौके की मदद से छह रन बनाकर बॉल की गेंद पर विली को कैच दे बैठे। भारतीय टीम एक समय मात्र 64 रन पर चार विकेट गंवाकर मुश्किल हालात में थी, लेकिन कोहली-केदार की जुगलबंदी ने सिर्फ भारत को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला बल्कि मेजबान टीम की जीत भी सुनिश्चित कर दी। कोहली और केदार के आउट होने के बाद अंतिम नौ ओवरों में भारत को 54 रनों की जरुरत थी, लेकिन ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (नाबाद 40) ने संभलकर खेलते हुए भारत को जीत दिला दी। पांड्या ने रवींद्र जडेजा (13) के साथ सातवें विकेट के लिए 27 और रविचंद्रन अश्विन (नाबाद 15) के साथ आठवें विकेट के लिए नाबाद 38 रनों की साझेदारी की। पांड्या ने 37 गेंदों में तीन चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 40 रन बनाए। जडेजा ने 15 गेंदों में दो चौकों की मदद से 13 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा अश्विन ने 10 गेंदों में एक छक्के की मदद से नाबाद 15 रन बनाए और छक्का मारकर भारत को जीत दिला दी। इंग्लैंड की तरफ से डेविड विली ने छह ओवर में 47 रन पर दो विकेट, जेक बॉल ने 10 ओवर में 67 रन पर तीन विकेट और बेन स्टोक्स ने 10 ओवर में 73 रन देकर तीन विकेट झटके।
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इससे पहले जेसन रॉय (73), जो रूट (78) और बेन स्टोक्स(62) के शानदार अर्धशतकों से इंग्लैंड ने सात विकेट पर 350 रन बनाकर भारत के सामने 351 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। इंग्लैंड का इससे पहले भारतीय जमीन पर सबसे बड़ा स्कोर आठ विकेट पर 338 रन था, जो उसने 27 फरवरी 2011 को बेंगलुरू में बनाया था। इंग्लैंड की टीम इस बार इस स्कोर से 12 रन आगे निकल गयी। यह चौथा मौका है जब इंग्लैंड ने भारतीय जमीन पर 300 से ज्यादा रन बनाये हैं। रॉय ने 61 गेंदों पर 73 रन में 12 चौके, रूट ने 95 गेंदों पर 78 रन में चार चौके और एक छक्का तथा स्टोक्स ने मात्र 40 गेंदों पर दो चौके और पांच छक्के उड़ाते हुये 62 रन ठोक डाले। कप्तान इयोन मोर्गन ने 28, जोस बटलर ने 31, मोइन अली ने 28 और डेविड विली ने नाबाद 10 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने छह वाइड और चार नो बॉल सहित 22 अतिरिक्त रन भी लुटाये। भारतीय गेंदबाजों में हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह सबसे सफल रहे। पांड्या ने नौ ओवर में 46 रन पर दो विकेट, बुमराह ने 10 ओवर में 79 रन पर दो विकेट, उमेश यादव ने सात ओवर में 63 रन पर एक विकेट और रवींद्र जडेजा ने 10 ओवर में 50 रन पर एक विकेट लिया। टेस्ट सीरीज में जबरदस्त प्रदर्शन करने वाले स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन खाली हाथ रहे। वह आठ ओवर में 63 रन लुटाकर कोई विकेट नहीं ले पाए।
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इंग्लैंड ने अच्छी शुरूआत करते हुये पहले विकेट के लिये 39 रन जोड़े। एलेक्स हेल्स (9) को बुमराह ने अपने सीधे थ्रो से रनआउट किया। लेकिन इसके बाद रॉय और रूट ने दूसरे विकेट के लिये 12.1 ओवर में 69 रन की साझेदारी की। रॉय को जडेजा ने पूर्व कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। रूट ने फिर कप्तान मोर्गन के साथ तीसरे विकेट के लिये 49 रन जोड़े। मोर्गन को पांड्या ने अपना शिकार बनाया और उनका कैच धोनी ने लपका। भारत को तीसरा विकेट मिलने के बावजूद राहत नहीं मिली। रूट ने बटलर के साथ चौथे विकेट के लिये 10.5 ओवर में 63 रन ठोक डाले। बटलर को पांड्या ने आउट किया। इंग्लैंड का चौथा विकेट 220 के स्कोर पर गिरा। बुमराह ने रूट को 244 के स्कोर पर पवेलियन लौटाया, लेकिन इसके बाद स्टोक्स और अली ने छठे विकेट के लिये मात्र 5.3 ओवर में 73 रन ठोक डाले। इस साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। इंग्लैंड ने आखिरी आठ ओवर में 105 रन धुन डाले। इंग्लैंड की टीम 42 ओवर में 245 के स्कोर से 50 ओवर में 350 के स्कोर पर पहुंच गयी। स्टोक्स के पांच छक्कों ने भारतीय गेंदबाजों के सारे समीकरण बिगाड़ दिये। स्टोक्स ने केदार जाधव पर एक छक्का, बुमराह पर दो छक्के, अश्विन पर एक छक्का और उमेश पर एक छक्का लगाया। अली और विली भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने भी एक एक छक्का जड़ा।
 

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