कैल्शियम और विटामिन डी से करें दोस्ती

कैल्शियम और विटामिन डी से करें दोस्ती

2हड्डियों की मजबूती और विकास के लिए कैल्शियम और विटामिन डी अति आवश्यक होते हैं। युवतियों और महिलाओं को इनकी विशेष आवश्यकता पड़ती है। अगर हड्डियां मजबूत और विकसित हैं तो यह लंबी उम्र का आधार बनती हैं। इन दोनों की कमी से हड्डियां कमजोर पड़ कर आस्टियोपोरोसिस के शिकार आप बन सकते हैं। जोड़ों में दर्द की शिकायत भी बढ़ सकती है। अगर आस्टियोपोरोसिस अपनी गिरफ्त में आपको एक बार ले लें तो ओरल कैल्शियम पूरा लाभ नहीं दे पाता।
कमी के कारण:-
जो बच्चे बचपन से कैल्शियम युक्त आहार नहीं लेते, उन्हें कैल्शियम की कमी हो जाती है। धूप का सेवन भी अगर उचित मात्रा में न किया जाए तो विटामिन डी की कमी हो सकती है। धूप लेने से विटामिन डी शरीर में बनता है। आज के युग में महिलाएं, पुरूष, बच्चे त्वचा की टैनिंग से बचने के लिए धूप में बाहर निकलना, खेलने से बचते हैं। उन्हें आगे जाकर कैल्शियम के साथ विटामिन डी3 लेना पड़ता है। डाक्टर के अनुसार कैल्शियम की गोली खाना खाने के 1 घंटा पूर्व या 2 घंटे बाद में खानी चाहिए।
लक्षण:-
– अगर शरीर में कैल्शियम की कमी है तो हड्डियों में दर्द बना रहता है।
– विटामिन डी की कमी से जोड़ों का दर्द बना रहता है।
– कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से हड्डियों का विकास पूरा नहीं होता, मांसपेशियों में ऐंठन होती है। पीठ दर्द, थकान और त्वचा में खुश्की बनी रहती है।
– अगर मां में कैल्शियम की कमी गर्भावस्था और प्रसूति के बाद भी बनी रहती है तो बच्चे को मां के दूध से पूरा कैल्शियम नहीं मिल पाता, उस कमी से बच्चों की हड्डियां टेढ़ी, तिरछी हो जाती हैं और बच्चे का उचित विकास भी नहीं हो पाता।
ओवरडोज लेने पर:-
जिन लोगों का कैल्शियम और विटामिन डीं जांच करवाने पर कम निकलता है और वो डाक्टर के परामर्श अनुसार दवाई लेते हैं, कब कम करनी है, कितनी मात्रा में लेनी है डाक्टर उन्हें बताते हैं। बहुत से लोग इधर-उधर से जानकारी अनुसार दवा लेनी शुरू करते हैं पर अपनी मर्जी से लेते रहते हैं, बिना टाइम की पाबंदी के उन्हें भी इसका नुकसान उठाना पड़ता है। कैल्शियम ज्यादा लेने से हड्डियों में जमा हो जाता है जिससे किडनी में स्टोन बनने की आशंका बढ़ जाती है गर्भकाल में ज्यादा कैल्शियम लेने से बच्चे पर प्रभाव पड़ता है।
विटामिन डी के ज्यादा लेने से पेट में गड़बड़ी, मूड खराब होने और डिप्रेशन की आशंका होती है।
कितने कैल्शियम की आवश्यकता होती है:-
11 से 24 साल तक के युवाओं 1200-1500 एमजी की आवश्यकता होती है।
25से 50 वर्ष तक 1000 एम जी
65 से ऊपर 1500 एमजी
गर्भकाल और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को 1200 से 1500 एमजी की जरूरत प्रतिदिन होती है।
विटामिन डी:- विटामिन डी एक एडल्ट को औसमन 3000 से 5000 आई यू की आवश्यकता पड़ती है।
,कैल्शियम और विटामिन प्राकृतिक रूप से हम दूध, दूध से बने उत्पाद, केला, बादाम, मटर, ब्रोकली, बींस, मूली, अंडा और सीताफल से ले सकते हैं। विटामिन डी के लिए प्रात: 7 से 9 बजे की धूप का सेवन करें। इसके अतिरिक्त शकरकंदी, अंडे का पीले भाग, मीट, मछली से ले सकते हैं।
– मेघा

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