कैंसरकारक भी है नमक की अधिक मात्रा

कैंसरकारक भी है  नमक की अधिक मात्रा

चरक संहिता में वर्णित है कि लवण रस जब शरीर के अनुकूल नहीं बैठता या मात्रा से अधिक सेवन किया जाता है तो पित्त को प्रकूपित एवं दूषित करता है, प्यास तथा गर्मी को बढ़ाता है, खून में गर्मी पैदा करता है, कफ को फाड़ता है, मांस को गलाता है, त्वचा रोग को उत्पन्न करता है। विष को बढ़ाता है, फोड़ों को फाड़ डालता है, दांतों को गिरा देता है, पौरूष शक्ति को नष्ट कर देता है, इंद्रियों की शक्ति को शिथिल कर कर देता है, शरीर में झुर्रियां उत्पन्न कर देता है, असमय बाल पकने लगते हैं, सिर गंजा हो जाता है।
ब्रिटिश जनरल आफ कैंसर में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार रोजाना 4 से 5 ग्राम नमक का सेवन करने वालों को आमाशय के कैंसर का खतरा बना रहता है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार लंदन के वैज्ञानिकों ने खोज की है कि नमक की अधिक मात्रा सेहत के लिए बहुत ही घातक है।
वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी मात्रा कम कर दी जाए तो 52 हजार लोगों की जान विश्व में प्रति माह बचायी जा सकती है। जनरल आफ हाइपरटेंशन के रिपोर्ट के अनुसार भोजन में नमक की औसत मात्रा घटाकर 1-2 ग्राम कर देने पर हर साल स्ट्रोक से होने वाली बाइस हजार लोगों की मौत को रोका जा सकता है।
गले का कैंसर और उससे बचाव
नमक की अत्यधिक मात्रा के सेवन के अलावा कम मात्रा में फलों के सेवन के कारण भी आमाशय के कैंसर से ग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। जापान में पिछले ग्यारह वर्षों में 40 हजार लोगों के दैनिक आहार, पेय एवं धूम्रपान की आदतों से संबंधित अध्ययन के बाद ब्रिटेन में खाद्य उत्पादों में कम नमक के इस्तेमाल का जबरदस्त दवाब डाला जा रहा है। भोजन में सोडियम क्लोराइड यानी नमक की मात्रा से उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी एवं स्ट्रोक की आशंका के मद्देनजर ब्रिटिश वैज्ञानिकों का ध्यान इससे होने वाले खतरे की ओर केंद्रित हुआ।
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक अन्य प्रयोग से ज्ञात किया कि मूत्राशय की रसौली में स्वस्थ कोशिकाओं की अपेक्षा सोडियम की मात्रा दुगुनी तिगुनी अधिक होती है। इतना ही नहीं, नमक की अधिक मात्रा औरत को बांझ तक बना सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार सामान्य भोजन की अपेक्षा अधिक चाट, पकौड़ी आदि खाने वाली महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
चाय पियें लेकिन देखभाल कर
खटाई के साथ नमक की अधिक मात्रा लेने से स्तनों के ऊतक दृवित होकर स्तनों के आकार को बढ़ा देते हैं और उसमें कैंसर की संभावना अधिक बढ़ जाती है।
चीनी की अधिक मात्रा की तरह नमक की अधिक मात्रा भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है। पहले नमक की अधिक मात्रा उच्च रक्तचाप के लिए ही खतरनाक मानी जाती थी किंतु हालिया शोधों से यह स्पष्ट हो गया है कि नमक की अधिक मात्रा कैंसर को जन्म देने वाली भी होती है। भोजन में नमक की मात्र कम करके अनेक रोगों से बचा जा सकता है।
– आनंद कु. अनंत

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