कृमि की वजह से 80 प्रतिशत बच्चे खून की कमी के शिकार

कृमि की वजह से 80 प्रतिशत बच्चे खून की कमी के शिकार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में पेट में पाये जाने वाले कीड़ों की वजह से एक से 19 साल तक के बच्चों में 80 प्रतिशत एनीमिया के शिकार है। स्वास्थ्य विभाग सूत्रों ने दावा किया है कि बच्चों के पेट में पाये जाने वाले कृमि की वजह से शरीर में लौहधातु की कमी हो जाती है और वे एनीमिया के शिकार हो जाते हैं। अाधिकारिक सूत्रों ने बताया ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने इस माह से स्कूलों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाकर छह से 19 साल तक के बच्चों को कृमि की दवा बांटनी शुरू कर दी है ।
स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों ने बताया कि बच्चों को ‘एलबेनडाजोल’ की टिकिया दी जा रही है जिससे कृमि पेट में नष्ट हो जायं और बच्चों में खून की कमी न होने पाये ।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सूत्रों ने बताया कि विश्व में सबसे ज्यादा भारत में मिट्टी से बच्चों में संक्रमण होता है । पेट में पाये जाने वाला ‘कृमि’ से शरीर में लौह धातु की कमी हो जाती है और बच्चे एनीमिया के शिकार हो जाते हैं । इससे कुपोषण, एनीमिया तथा पेट में दर्द जैसी सम्यायें पैदा होती हैं जिससे शरीर का विकास रूक जाता है ।

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