कविता-उठो मोदी जी आंखे खोलो…!

कविता-उठो मोदी जी आंखे खोलो…!

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पाक ने हमला बोला, अब आप भी कुछ हल्ला बोलो,
बीस सैनिक शहीद हुए, भारत मां की आंख भर आई है,
आपकी धमकी काम नहीं आई, पाक सेना फिर हम से टकराई है,
आपने कहा था एक के बदले 10 का सिर काट के लायेंगे
जनता मांगेगी हम से जवाब ,क्या हम दे पायेंगे
बीस शहीद हुए हैं हमारे 200 सिर कहां से लायेंगे,
वादा किया था हमने ,जनता से दाउद का सिर काट कर लायेंगे,
सैंकडों दाउद अब बना दिये हैं पाकिस्तान ने
असली दाउद को क्या हम पहचान पायेंगे..?
अच्छा होगा हम हमला बोले, सारे दाउद बाहर निकल आयेंगे
सबका सिर काट कर ..200 दाउदों के सिर हम लायेंगे
भारत मां भी खुश हो जायेगी और हम भी अपना वचन निभायेंगे,
वीर  शहीदों की मां-बहनों और बच्चों को भी गर्व होगा अपने वीरों पर,
पत्नी उनकी वीरांगनायें कह लायेंगी, आप बनेंगे महाराणा प्रताप इस भारत के,
जनता भी आपको पलकों पर बैठायेगी,
महान होगा भारत फिर से भारत महान बन जायेगा,
सम्मान बढेगा भारत का विश्व में, फिर से शहीद भगत सिंह पैदा होंगे,
फिर पैदा होंगे कैप्टन हमीद,
जो भारत मां की रक्षा को, हंसते-हंसते हो जाते थे शहीद,
आज वक्त आ गया दुश्मनों  को मजा चखाने का,
वक्त नहीं अब सोचने का, मोदी जी अब चुप्पी तोडो
तैयार खडी हैं फोजें अपनी, एक के बदले हजार को फोडो
– ठा. उदयपाल सिंह
203/12, सदर बाजार,मुजफ्फरनगर   

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