कविता-वतन के रखवाले

कविता-वतन के रखवाले

11111111सीमाओं की रक्षा को तैनात हमारे जांबाज सैनिक होते है।
तभी तो हम अपने घर में चैन की नींद सोते हैं।
रात दिन ये नौजवान सैनिक सीमाओं पर टकराते हैं।
आतंकवाद से मुकाबला करते-करते ये शहीद भी हो जाते हैं।
हम अपना फर्ज निभाने को सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हैं।
देश के नेता भी सरकारी मदद देकर अपना कर्तव्य निभाते हैं।
मातायें-बहनें शहीदों के सगे सम्बन्धी जीवन भर रोते-बिलखते रह जाते हैं।
बहुत सी जगहों और चौराहों पर हम शहीदों की मूर्ति लगाते हैं।
पूछो इन उद्योगपति घरानों से इनके बच्चों से इनके स्यानों से।
तुम भी तो देश के नागरिक हो, तुम्हारी जान की रक्षा भी तो करते हैं।
तुम्हारी जान बचाने को भी, ये नौजवान सीने पर अपने गोली खाते हैं।
देश की रक्षा की खातिर शहीद होकर, ये अपना वचन निभाते हैं।
उद्योगपति जी आप भी बताये इन शहीदों के घर वालों के लिए आप क्या करते हो ?
देते हो नौकरी इनके बच्चों को या इनका जीवन व्यापन करते हो।
होने चाहिए बच्चे आपके भी फौज में, मेरा तो आपसे अनुरोध है।
तभी अहसास  होगा आपको, शहीदों के लिए देश क्यों जरूरी है।
देश की खातिर अपने सीने पर ये, हंसते-हंसते गोलियां भी झेल जाते हैं।
शहीद होकर देश के ये दीवाने, स्वर्ण अक्षरों में अपना नाम लिखाते हैं,
घर वाले भी अपना सीना थाम के चुपके-चुपके रोते हैं।
हम भी इनकी तस्वीरों पर श्रद्धासुमन चढाते हैं।
निकालते हैं कैण्डल मार्च और अपना फर्ज निभाते हैं।
मेरा तो देशवासियों से इतना ही कहना है
हर घर में शहीद हो यही हमारे देश का गहना है।
देश है तो हम हैं यदि हम ही नहीं, देश की रक्षा करने को अपना वचन निभायेंगे।
दुश्मन के हमले का हम कैसे मुंह तोड जवाब दे पायेंगे।
हर घर से एक नौजवान सैनिक होना चाहिए।
देश का नाम रोशन कर दे, ऐसा शहीद होना चाहिए।
देश की खातिर मरने को जज्बात होने चाहिए।
दुश्मन के छक्के-छुडाने का अहसास होना चाहिए।
इसीलिए हर घर से फौज में एक नौजवान जरूरी है।
देश की खातिर जो अपनी जान भी दे दे वही दुश्मनों के छक्के छुडाता है।
जिस देश में हो ऐसे नौजवान उस देश से दुश्मन भी थर्राता है।
आज भी इतिहास का वो दिन याद है।
जब पाकिस्तान के एक लाख सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था,
इंदिरा जी प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने पाकिस्तान जीतकर उसका बंगलादेश नाम धर दिया,
पाकिस्तान को भी एक पाकिस्तान खो देने का अहसास होना चाहिए।
फौज हैं तैयार हमारी रोकने का किसी में दम नहीं।
पहले थी इंदिरा जी प्रधानमंत्री, अब प्रधानमंत्री मोदी भी कम नहीं।
पहले भी हमने पाकिस्तान का बंगला देश बनाकर दिखाया है।
अब भी हम पाकिस्तान को धूल चटाकर दिखा देंगे।
नहीं बाज आये यदि पाकिस्तान तो तुम्हारा नामो निशान मिटा देंगे।
पहले बंगला देश बनाया अबकी बार बलूचिस्तान बनाकर दिखा देंगे।
– ठा. उदयपाल सिंह
203/12, सदर बाजार, मुजफ्फरनगर

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