कम उम्र में ही दांत छोड़ रहे साथ

कम उम्र में ही दांत छोड़ रहे साथ

दांत जीवन भर साथ दें, तभी मनुष्य खानपान एवं जीवन का सही आनंद उठा पाता है पर अब ऐसा हो नहीं रहा है। दांत अब समय पूर्व साथ छोड़ रहे हैं। एक ओर दूध के दांतों का साथ जल्दी छूट रहा है, वहीं बाद में उगे दांत भी विभिन्न कारणों से रोगग्रस्त हो कर कमजोर हो रहे हैं एवं टूट रहे हैं। आहार में शक्कर की मात्र बढ़ गई है। जंक फूड भी दांतों को नुक्सान पहुंचा रहा हैै। सबसे बड़ी बात है कम उम्र में पायरिया जैसी बीमारी का होना। यह कम उम्र का पायरिया लड़कियों में अधिक हो रहा है।
दांतों की समस्या:- दांतों को परेशान करने वाले कीड़े या दंत क्षय की समस्या अब अधिक हो रही है। दांतों में ये कीड़े वस्तुत: सूक्ष्म जीवी बैक्टीरिया हैं जो दांतों की रक्षा करने वाली पहली परत को खोल कर खोखला बना दे रहे है।
कम उम्र का पायरिया:- बच्चों में कम उम्र में पायरिया अब आम शिकायत हो गई है जिसकी चपेट में लड़कियां अधिक हैं। यह आनुवंशिक कारणों से हो रहा है। माता-पिता या दादा-दादी, नाना-नानी को मधुमेह की स्थिति में बच्चों को पायरिया होने की शिकायत बढ़ जाती है। बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता भी कम होना एक महत्त्वपूर्ण कारण है। इससे दांतों के आसपास की कोशिका नष्ट होने लगती है लेकिन इसकी सुधार की गति कम होती है। नष्ट हुआ ऊतक सड़ कर दुर्गंध पैदा करता है।
दांतों की बढ़ती समस्या के कारण
– धूम्रपान के कारण दांतों की समस्या बढ़ जाती हैं।
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– आनुवंशिकी वजह से पायरिया की बीमारी होने की संभावना सात गुना बढ़ जाती है।
– खानपान में आया बदलाव।
– समय से तथा ठीक तरह से दांतों की सफाई न करना।
उपचार एवं बचाव
दांतों की किसी भी बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श से उस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। दांतों की सफाई, दवा का सेवन या सर्जरी करवाई जा सकती है।
– दिन भर में दो बार ब्रश करें और मीठा या कुछ भी खाने के बाद दांत साफ करना न भूलें।
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– फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का उपयोग करें। यह दांतों की बाहरी परत मजबूत करता है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
बच्चों में दांतों की सफाई की आदत डालें:- बचपन में ही बच्चे को दांतों की स्वच्छता की हैबिट डालने का लाभ उसे सदैव मिलेगा। दूध के दांतों की उमर बढ़ेगी। नये दांतों पर कीड़े नहीं लगेंगे। दांत सुरक्षित और मजबूत रहेंगे। कुछ भी खाने अथवा कोई भी पेय लेने के बाद मुंह धोने व कुल्ला करने को प्रेरित करें। पानी से कुल्ला करने पर दांतों में फंसे कण एवं पेय पदार्थ की परत साफ हो जायेगी। मीठा या चाकलेट खाने के बाद दांत अवश्य साफ करने को कहें। बचपन से ही दांतों की सामान्य जांच करवाते रहें।
– सीतेश कुमार द्विवेदी

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