कडाके की ठंड से ठहरी जिंदगी, कोहरे के कारण रेंग-रेंगकर चल रहे हैं वाहन

कडाके की ठंड से ठहरी जिंदगी, कोहरे के कारण रेंग-रेंगकर चल रहे हैं वाहन

fogलखनऊ। नश्तर सी चुभ रही कडाके की सर्दी और कोहरे के सितम से उत्तर प्रदेश में आम हो या खास सभी बेहाल हैं।
सूबे भर में ठंड और कोहरे की वजह से हाईवे पर वाहन रेंगते हुए चले तो ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा रहा। लंबी दूरी की ट्रेनें आज भी घंटों विलंबित रही। ट्रेनों के लेट आने से यात्रियों को उनके इंतजार में लंच डिनर स्टेशनों पर ही करना पड़ रहा है। राज्य में कोहराजनित हादसों में पिछले 24 घंटे में औरेया में चार, फतेहपुर, आगरा, मुरादाबाद और हमीरपुर में एक-एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। पूरे राज्य विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिसंख्य स्थानों में पड रहे घने कोहरे की वजह से वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं।
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कानपुर आगरा झांसी और इलाहाबाद से कोहरे की वजह से ट्रेनों के तीन से 12 घंटे तक विलंब से चलने की सूचना मिली है। प्रदेश में ठंड के दौर में लगातार तेजी आती जा रही है। पहले घने कोहरे ने सभी को परेशान किए रखा लेकिन अब सर्द हवा से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से बेहाल लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं। जिन लोगों को जरूरी काम था वे घर से निकले तो लेकिन जहां अलाव दिखा वहीं ठहर गए। जगह-जगह लोगों को अलाव तापते देखा जा सकता है। चाय की दुकानों पर अपेक्षाकृत लोगों की भीड़ रही और लोग चाय की चुस्कियां लेते दिखे। इस बीच बरेली से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में सर्द हवा चलने से बरेली तथा आसपास के इलाकों में ठंड बढ गई है।
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उत्तराखंड की ऊंचाई वाली पहाडियों में हो रही बर्फबारी से समूचे इलाके में तापमान में काफी गिरावट आ गई है। सर्दी बढने के साथ लोगों ने ऊनी कपडे और रजाई-कंबल निकाल लिये हैं। उधर, इलाहाबाद से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कोहरे में ट्रेनों का संचालन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में रेलवे के पास ट्रेनों का संचालन बनाए रखने के लिए ट्रैक पर ट्रैफिक करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। कोहरे में ट्रेनों का संचालन बनाए रखने के लिए रेलवे ने ट्रैफिक में कमी करना शुरू कर दिया है। इसके लिए ट्रेनों को निरस्त करने के साथ ही आंशिक निरस्तीकरण और फेरों में कमी की गई है।
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