कटिंग-टेलरिंग में बनायें करियर

कटिंग-टेलरिंग में बनायें करियर

कटिंग एवं टेलरिंग का काम एक ऐसा काम है जिसमें दस रूपए का धागा-बटन दो सौ रूपए तक की कमाई का जरिया बनता है। वह दौर जा चुका है जब युवाओं के सामने रोजगार का संकट था। आज के दौर में भले ही किसी को नौकरी न मिले लेकिन स्वरोजगार के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं।
आधुनिकीकरण ने इन स्वरोजगारों को जिस तरह बढ़ावा दिया है, उससे अब यह संकट भी नहीं रह गया है कि काम चलेगा या नहीं। अनेक क्षेत्रों में उठते और नाम कमाते उद्यमियों को देख कर युवाओं में अब यह भावना भी नहीं रही कि पेशेगत काम को ही वे स्वरोजगार बनाएं। यही कारण है कि अब हर क्षेत्र में पेशे से जुड़े और परंपरागत लोग ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी भविष्य तलाशते नजर आ रहे हैं। कटिंग एवं टेलरिंग इन्हीं में से एक है।
आयु सीमा: टेलरिंग का काम सीखने की आयु सीमा के लिए सभी संस्थानों के मानदंड अलग-अलग हैं। कुछ संस्थान 14-15 साल की उम्र में ही प्रवेश दे देते हैं तो कुछ संस्थान 18 साल के बाद ही प्रवेश दे कर प्रशिक्षण मुहैय्या कराते हैं।
कोर्स अवधि: कोर्स की अवधि भी सभी संस्थानों में अलग-अलग है। अधिकतर संस्थानों में तीन महीने से दो साल तक के कोर्स कराए जाते हैं। दो साल के कोर्स में कटिंग एवं टेलरिंग के साथ डिजाइनिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
फीस: सभी संस्थान अपने द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं, कोर्स की अवधि और प्रबंधन के मानदंड के आधार पर ही फीस वसूलते हैं। खादी ग्रामोद्योग में सामान्य अभ्यर्थियों से 100 रूपए के प्रॉस्पेक्टस के अलावा 200 रूपए महीने फीस ली जाती है जबकि महिलाओं, विकलांगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों से कोई फीस नहीं ली जाती। रॉ मटीरियल प्रशिक्षणार्थी को अपने पास से लाना होता है। प्राइवेट संस्थानों में एक हजार से पंद्रह हजार रूपए तक की फीस ली जाती है।
कमाई: कटिंग एवं टेलरिंग का काम एक ऐसा काम है जिसमें कम लागत में अधिक मुनाफा होता है। फिर भी काम के विस्तार और ग्राहकों के आने पर कमाई निर्भर करती है। अनुमान है कि एक घरेलू सिलाई मशीन से आप तीन से छह हजार रूपए महीने कमा सकते हैं जबकि दुकान स्थापित करके केवल एक सिलाई मशीन से पांच हजार से आठ हजार रूपए महीने की कमाई कर सकते हें। बुटीक खोलने पर कमाई काफी अच्छी हो सकती है।
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योग्यता: कटिंग एवं टेलरिंग का कोर्स करने के लिए शिक्षा का कोई निर्धारित मापदंड नहीं है। अगर आप 8वीं या 1०वीं पास भी हैं तो इस क्षेत्र में आसानी से अपना करियर बना सकते हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग केंद्रों में केवल हिंदी जानने वाले अभ्यर्थी ही प्रवेश पा सकते हैं। कुछ संस्थान 12वीं पास को ही प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। अगर आप कटिंग एवं टेलरिंग के साथ डिजाइनिंग का कोर्स भी करना चाहते हैं तो कुछ संस्थानों में यह सुविधा भी मौजूद है। इसके लिए अभ्यर्थी को कम से कम 12वीं पास होना चाहिए। कहीं-कहीं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक की मांग की जाती है।
मशीनें व अन्य जरूरी चीजें: वैसे तो कटिंग एवं टेलरिंग का काम एक सिलाई मशीन के जरिए भी किया जा सकता है लेकिन अच्छे स्तर पर काम शुरू करने के लिए आपको चार अलग-अलग मशीनों की जरूरत पड़ेगी। इनमें सिलाई मशीन, पीको मशीन, इंटरलॉक मशीन और एम्ब्रॉयडरी यानी कढ़ाई मशीन आदि शामिल हैं। इन मशीनों के अलावा इस काम में इंची टेप, कैंची, टेलर चॉक, प्रेस और धागे की जरूरत होती है।
लागत: कटिंग एवं टेलरिंग का काम शुरू करने के लिए यूं तो एक घरेलू यानी बिना पैरदान वाली सिलाई मशीन, जो दो से चार हजार रूपए की आ जाती है, ही काफी है लेकिन बड़े स्तर पर या दुकान स्थापित करने पर लागत मशीनों और दुकान के किराए पर निर्भर करती है। मोटे तौर पर कहें तो मार्केट में इस काम को शुरू करने के लिए आपको कम से कम दस से पंद्रह हजार रूपए की जरूरत पड़ेगी जबकि बड़े स्तर पर काम शुरू करने में चार-पांच लाख रूपए तक लगेंगे।
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लोन: प्राइवेट स्तर पर लोन लेने के लिए आपको नजदीकी बैंक से संपर्क करना होगा। इसके लिए जिस जगह आप काम स्थापित कर रहे हैं, उस जगह के कागज जिनमें रजिस्ट्री, पावर ऑफ अटॉर्नी या रेंट एग्रीमेंट शामिल हैं, होने चाहिए। इसके अलावा बैंक आपकी शिक्षा के पेपर या कटिंग एवं टेलरिंग का सर्टिफिकेट या दोनों मांग सकता है। साथ ही आपको स्थायी पता और आईडी प्रूफ की भी जरूरत पड़ेगी। अगर आपने खादी ग्रामोद्योग से प्रशिक्षण प्राप्त किया है तो आप प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेट पर लोन ले सकते हैं। इसके लिए एससी/एसटी/महिलाओं/शारीरिक विकलांग/अल्पसंख्यकों को ग्रामीण क्षेत्र के लिए 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र के लिए 25 प्रतिशत की छूट मिलती है। जबकि अन्य को ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत व शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसमें अधिकतम लोन की सीमा पच्चीस लाख रूपए है। जगह का चुनाव: टेलरिंग का काम तो घर में भी किया जा सकता है। अनेक महिलाएं घर में ऐसा करती भी हैं लेकिन अच्छे स्तर पर काम करने के लिए या बुटीक खोलने के लिए आपको मार्केट का रूख करना पड़ेगा। इस काम के लिए ऐसी दुकान जिसमें दो-तीन मशीनें रखने और उन पर काम करने की पर्याप्त जगह हो, उपयुक्त होगी। बेहतर करियर के लिए: इस क्षेत्र में अगर आप बेहतर करियर बनाना चाहते हैं तो आपको कटिंग एवं टेलरिंग के साथ डिजाइनिंग की जानकारी यानी आर्ट का सही ज्ञान होना चाहिए। इसके साथ ही आपको बाजार में आ रहे कपड़ों के नए-नए डिजाइनों की जानकारी और उन्हें तैयार करने का हुनर भी आना चाहिए।
– नरेंद्र देवांगन

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