औरत अपने प्यार को बांटना नहीं चाहती

औरत अपने प्यार को बांटना नहीं चाहती

how-to-love-your-wife1‘तूं रमेश को तलाक दे रही है।’
‘हां’
‘लेकिन क्यूं?’
‘रमेश ने रीता से शादी का फैसला कर लिया है। मुझे पति को शेयर करना मंजूर नहीं है, इसलिए मैंने रमेश को तलाक देने का फैसला कर लिया है।’
हमारे देश में सामाजिक और कानूनी रूप से एक पत्नी प्रथा है। एक मर्द सिर्फ एक औरत से ही शादी कर सकता है। पत्नी के जीवित रहते मर्द दूसरी औरत से शादी नहीं कर सकता।
लेकिन अपवाद भी देखने को मिल जायेंगे। ऐसे बहुत से विवाहित मर्द मिल जायेंगे जो दूसरी औरत से प्यार करते हैं। ऐसे भी बहुत से मर्द मिल जायेंगे जो एक पत्नी के रहते भी दूसरी शादी कर लेते हैं।
आज की औरत अनपढ़ और पति पर ही निर्भर नहीं है। शिक्षा का प्रसार हुआ है। आज हर मां बाप अपनी बेटी को शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षित होने से औरत में जागरूकता आयी है। उसमें कर्तव्यों के साथ अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूकता आयी है। आज की औरत पति की दासी या कठपुतली बनकर नहीं रहना चाहती।
पति और पत्नी में कोई छोटा या बड़ा नहीं है। दोनों को समानता का दर्जा प्राप्त है। हर पति चाहता है कि पत्नी तन और मन से सिर्फ उसकी ही होकर रहे। अपने जीवन में किसी दूसरे मर्द को न आने दे। अगर पति ऐसा चाहता है तो पत्नी भी उससे ऐसी ही अपेक्षा रखती है।
हर पत्नी भी चाहती है कि उसका पति तन मन से सिर्फ उसी का होकर रहे। कोई औरत नहीं चाहती कि उसका पति पराई औरत से सम्बन्ध बनाये। पत्नी को जब पता चलता है कि उसके पति के पराई औरत से संबंध हैं तो पत्नी पति को रोकने का हर संभव प्रयास करती है।
अगर कोई मर्द पत्नी के रहते दूसरी शादी करने की सोचता है तो वह रीता की तरह पति को तलाक देने का फैसला भी ले सकती है।
पति अगर चाहता है कि पत्नी सिर्फ उसकी होकर रहे तो पति को भी सिर्फ अपनी पत्नी का ही होकर रहना चाहिए।
– किशन लाल शर्मा

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