‘ओलंपिक’ शब्द का अवैध इस्तेमाल कर रहे संगठनों पर रोक लगे: मल्होत्रा

‘ओलंपिक’ शब्द का अवैध इस्तेमाल कर रहे संगठनों पर रोक लगे: मल्होत्रा

नई दिल्ली। अखिल भारतीय खेल परिषद (एआईसीएस) के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ने देश में ओलंपिक शब्द का अवैध इस्तेमाल कर पैदा हो रहे संगठनों पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुये सरकार से इनपर रोक लगाने की मांग की है। प्रो. मल्होत्रा ने भारतीय खेल प्राधिकरण में एआईसीएस की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुये इस बात पर खासी ङ्क्षचता जताई कि देश में ओलंपिक शब्द का अवैध इस्तेमाल कर रातों रात संगठन पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा देश में ओलंपिक, ओलंपियन, स्टूडेंट ओलंपिक एसोसिएशन, इंडियन वूमेन ओलंपिक एसोसिएशन, रूरल गेम एसोसिएशन आफ इंडिया, इंडियन रूरल गेम्स एसोसिएशन जैसे संगठन पैदा हो रहे हैं जबकि इन पर रोक लगाई जानी चाहिये। उन्होंने बैठक में मौजूद खेल मंत्रालय के सचिव से आग्रह किया कि ऐसे संगठनों को प्रतिबंधित करने के लिये कड़े कदम उठाये जाने चाहिये। इस अवसर पर मौजूद भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष एन रामचंद्रन ने भी कहा कि ऐसे मामलों के कारण आईओए को काफी कानूनी खर्चा उठाना पड़ रहा है।
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खेल सचिव इंजेटी श्रीनिवास ने बैठक में बताया कि मंत्रालय में खेल संघों को मान्यता प्रदान करने के लिये एक मापंदड बनाया हुआ है और जो खेल संगठन इन मापदंडों को पूरा करते हैं उन्हें ही मान्यता दी जाती है। प्रो. मल्होत्रा ने इस बात को लेकर चिंता जताई कि भारत डोपिंग उल्लंघन मामलों में दुनिया में तीसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही डोपिंग रोधी कार्यक्रम शुरू किये जाने चाहिये और खिलाडियो को जागरूक किया जाना चाहिये।
उन्होंने बताया कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एआईसीएस की ओर से आग्रह भेजा गया है कि खेलों को स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के समकक्ष रखते हुये प्रोत्साहन दिया जाए। सदस्यों ने बैठक में मांग की थी कि विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा खिलाडियो को दिये जाने वाने नगद पुरस्कारों में एकसमानता होनी चाहिये और पेंशन योजना की भी समीक्षा की जानी चाहिये ताकि खिलाड़ी खेलों से संन्यास लेने के बाद सम्मानित जीवन गुजार सकें।

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