ऐसे कम करें मोटापा

ऐसे कम करें मोटापा

देखा गया है कि जिस तरह व्यक्ति की उम्र बढ़ती जाती है, उसका वजन और मोटापा भी बढ़ जाता है। चालीस की उम्र तक यह नुक्सानदायक बन जाता है। अनियंत्रित भोजन इस मोटापे का प्रमुख कारण होता है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट्स के अलावा यदि फैट्स और लिपिड्स असंतुलित मात्र में होते हैं तो मोटापे की शिकायत होती है।
अगर हम ज्यादा कार्बोहाइडे्रट वाला भोजन में लेते हैं तो वह कार्बोहाइडे्रट शरीर के अंदर वसा में परिवर्तित हो जाता है और लिवर में एकत्रित हो जाता है और इस तरह शरीर में मोटापा शुरू हो जाता है। यदि वसा का सेवन किया जाता है, वह भी कार्बोहाइडे्रट के साथ, तब तो शरीर के लिए इनसे नुक्सानदायक और कोई चीज नहीं है।
वसा और कोलेस्ट्रॉल एक साथ मिलकर वही प्रभाव डालते हैं जो वे शरीर पर अलग-अलग रहकर डालते हैं। शरीर में दोनों मिलकर चर्बी बढ़ाते हैं, जिससे मोटापा बढ़ता है।
07 मई: आज प्रख्यात कवि रवींद्र नाथ टैगोर का जन्म हुआ

कोलेस्ट्रॉल हमेशा खाद्य पदार्थों में वसा के साथ रहता है। जिस खाद्य पदार्थ में कोलेस्ट्राल होगा, उसमें निश्चित ही वसा भी होगी। इसी प्रकार जिस खाद्य पदार्थ में वसा है उसमें कोलेस्ट्राल होगा, इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि जिस उत्पाद पर कोलेस्ट्रॉल फ्री लिखा हो, वह वास्तव में अधिक वसायुक्त होता है जो आपकी सेहत को नुक्सान पहुंचायेगा।
वसा एवम् कोलेस्ट्रोल की अधिकता से बचने के लिए सबसे पहले आप अपने भोजन में सब तत्वों को संतुलित कीजिए। यदि आप शाकाहारी हैं तो मक्खन एवं दूध से बनी ऐसी चीजों को कम खाएं जिनमें वसा अधिक हो। यदि आप मांसाहारी हैं तो मछली का सेवन करें, किसी अन्य पदार्थ का नहीं।
बाल कथा: मुफ्त का काम

भोजन में वसा की मात्रा संतुलित कर लेने से तभी फायदा होगा, जब आप व्यायाम भी करें। व्यायाम में दौडऩा, तेज चलना, नृत्य अथवा कोई ऐसा कार्य, जिसमें आपको थकान महसूस हो, करें। अपने मोटापे को घटाने के लिए कोई दवाई या औषधि लेकर आप गलती कर बैठते हैं। मोटापा आप तभी कम कर सकते हैं, जब आप प्राकृतिक ढंग से इसे कम करने में सहयोग करें। चटपटी चीजों को देखकर ललचाएं नहीं। फिर देखिये आपको स्लिम बनने से कौन रोक सकता है।
– शिखा चौधरी

Share it
Top