उच्च रक्तचाप है घातक…..एेसें करें घरेलू इलाज

उच्च रक्तचाप है घातक…..एेसें करें घरेलू इलाज

raktchap हाई ब्लड प्रेशर भी आधुनिक जीवनशैली की देन है क्योंकि देर से सोना, समय पर न खाना, देर से उठना, आगे बढऩे की होड़, थोड़े समय में ज्यादा पाने की होड़, रिश्तों में कड़वाहट, एक समय में अधिक काम करना इन सबका परिणाम है हाई बीपी। अगर बीपी लगातार हाई हो रहा हो तो हार्ट पर भी इसका प्रभाव गलत पड़ेगा। आइए कुछ घरेलू नुस्खों को अपना कर इस पर नियंत्रण करने का प्रयास करें।
– लौकी का रस हाई बीपी को राहत दिलाता है।
– मोटापे से बचें। नियमित व्यायाम को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
– धूम्रपान और शराब से परहेज रखें।
– भोजन में नमक की मात्रा कम कर दें।
– बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कम करने का प्रयास रखें।
– हाई बीपी को काबू में रखने हेतु आधा चम्मच प्याज के रस में आधा चम्मच शहद मिलाकर 2 से 3 सप्ताह तक रोजाना दिन में दो बार पिएं।
– सेब का नियमित सेवन भी हाई बीपी को कंट्रोल में रखता है।
– छाछ का नियमित सेवन ब्लडप्रेशर का सामान्य रखने में मदद करता है। यह कम और अधिक दोनों ब्लडप्रेशर में लाभ देता है।– पपीता खाली पेट सुबह और शाम को खाने का गैप रख 3 फांकें नियमित खाएं। लाभ मिलेगा।– सौंफ, जीरा और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस कर रख लें। प्रात: और शाम एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ सेवन करें। लाभ मिलेगा।
– दो चम्मच शहद-, एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर सुबह शाम पीने से लाभ मिलता हे। डायबिटिज के रोगी इस नुस्खे को न अपनाएं।
– अपनी डाइट में नींबू और टमाटर को स्थान दें। नियमित इनका सेवन करें।
– करी पत्ते 20-25 लेकर एक कप पानी में मिक्सी में पीस लें और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर इसको सुबह शाम पीने से हाई बीपी कंट्रोल में रहता है।
– लहसुन को भी अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाएं।
इसके अतिरिक्त प्रात: कुछ प्राणायाम अवश्य करें। हाई ब्लडप्रेेशर काबू में ंरहेगा। शीतली, सीतकारी, अनुलोम- विलोम, चंद्र भेदी इन सभी प्राणायामों की 4 से 5 आवृत्तियां रोज करें।
उसके बाद शवासन में लेट कर आराम करें। थोड़ी सी थकान होने पर शिथिलासन और शवासन में आंखें बंद कर आराम करने से भी बीपी सामान्य होता है।
– नीतू गुप्ता
 

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