एक पूर्ण भोजन है दूध

एक पूर्ण भोजन है दूध

मानव शरीर के लिए दूध एक ऐसा महत्त्वपूर्ण भोज्य पदार्थ है जिसमें संतुलित आहार के सारे गुण पाये जाते हैं। शिशु से लेकर वृद्ध तक को दूध की आवश्यकता होती है। वैसे तो दूध सम्पूर्ण पृथ्वी पर बसने वाले मनुष्यों की जरूरत है परन्तु भारत में इसकी महत्ता कुछ अधिक ही है क्योंकि यहां की अधिकांश जनता शाकाहारी होती है।
श्वेत तरल पदार्थ दूध मानव शरीर को अपार शक्ति एवं ताप प्रदान करता है, और समस्त पौष्टिक तत्व इसमें विद्यमान रहते हैं। इसमें कैल्शियम, पोटेशियम तथा फास्फोरस के लवण मिलते हैं जो हड्डियों तथा स्नायु को दृढ़ करने में काम आते हैं। यह शरीर की टूट-फूट की क्षति पूर्ति करते हैं और शरीर की रोगों से सुरक्षा करता है। इसके सेवन से बुद्धि तेज होती है तथा शरीर में स्फूर्ति कायम रहती है।
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दूध शिशुओं के शरीर की शीघ्र वृद्धि करता है और उन्हें हृष्ट-पुष्ट और स्वस्थ बनाता है। यह एक ऐसा तरल और शीघ्र पचने वाला भोजन है जिसमें विटामिन ए व डी पर्याप्त मात्रा में रहते हैं परन्तु सी की मात्रा कम होती है। दूध में पाये जाने तत्वों का विवरण आगे दर्शाया गया है।
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वसा- 3.8 प्रतिशत
प्रोटीन – 3.5 प्रतिशत
कार्बोहाइड्रेट – 4.8 प्रतिशत
पानी – 87.25 प्रतिशत
खनिज लवण – 0.65 प्रतिशत
कैल्शियम, फास्फोरस अधिक हैं। ठीक इसी प्रकार विटामिन ‘ए’ और डी’ अधिक मात्रा में लेकिन ‘सी’ कम होते हैं।
– राम सेवक वर्मा

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