उत्तर प्रदेश की सड़कें झुठला रहीं अखिलेश के दावों को..!

उत्तर प्रदेश की सड़कें झुठला रहीं अखिलेश के दावों को..!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आजकल राज्य विधानसभा चुनाव के कैंपेन के दौरान सड़कों की खाक छानते हुए समझ आता होगा कि किस तरह से राज्य की जनता को इन खराब सड़कों से सफर करना पड़ता है। आप आगरा से लेकर एटा और मेरठ से लेकर मुरादाबाद कहीं भी चले जाइए, आपको सब जगहों पर खराब हालात में मिलेंगी सड़कें। कभी सड़क के गड्ढे परेशान करते हैं, तो कभी सड़क ही मौत का सबब बन जाती है। कुछ समय पहले हंसा रिसर्च के सर्वे का भी निष्कर्ष है कि उत्तर प्रदेश की सड़कों की हालत खस्ता है। प्रदेश के 11 शहरों में किए गए सर्वे को प्रदेश का आईना मानें, तो महज 22 फीसदी प्रतिभागियों ने ही कहा है कि प्रदेश में सड़कों की हालत संतोषजनक है। 47 फीसदी प्रतिभागी अपने शहरों की सड़कों की हालत से बेहद निराश हैं। कुल 48 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण खराब सड़कें ही हैं। कानपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ में ऐसे लोगों की संख्या काफी है। सर्वे में सड़कों की दुर्दशा के कई कारण गिनाए गये। कुल 90 फीसदी लोगों ने माना कि निर्माण का घटिया स्तर सड़कों की खराब हालत के लिए जिम्‍मेदार है। राज्य के 78 फीसदी लोगों की राय यह भी है कि योजनाबद्ध न होने की वजह से सड़कों की खराब हालत है। सरकार और निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी को भी 65 फीसदी ने सड़कों की खराब हालत का कारण माना है। सड़क में गड्ढे, चौड़ाई, सफाई, रोशनी और सुरक्षा जैसे पैमानों पर भी अधिकांश इलाकों में सड़कें खरी नहीं उतरतीं। सिर्फ राजधानी लखनऊ की सड़कें ठीक लगती है। कानपुर का कहर बीते दिनों टीम को कानपुर जाने का अवसर मिला। इधर गड्ढों ने शहर की सड़कों को खूनी बना दिया है।
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 वहीं, शहर में ध्वस्त हुए डिवाइडर बदहाली का प्रमाण दे रहे हैं। बिना बरसात के ही नाले नालियां उफान पर हैं। शहर के व्यस्ततम इलाके जैसे परेड,बिरहाना रोड, पी रोड और दर्शनपुरवा की भी सड़कें खराब मिलीं। कमोबेश यही हाल उत्तर प्रदेश के बाकी शहरों का भी है। मेरठ, आगरा और सहारनपुर में ध्वस्त सड़कें, टूटे डिवाइडर, सड़कों पर तैर रहा कीचड़ शहरों की पहचान बन चुके हैं। गड्ढों ने जहां शहर की सड़कों को खूनी बना दिया है वहीं, शहर में ध्वस्त हुए डिवाइडर बदहाली का प्रमाण दे रहे हैं। बिना बरसात के ही नाले नालियां उफान पर हैं। शहर के व्यस्ततम बाजार सुभाष चौक पर आए नालियों के पानी ने तो पालिका प्रशासन के सफाई अभियान की पोल ही खोल दी। हाल-ए-आगरा आगरा प्रदेश का सबसे खास शहर है पर, जरा यहां की भी सड़कें तो देख लीजिए। सड़कों पर कई फुट गहरे गड्ढे हो गये हैं। गड्ढे दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की नजर इस पर नहीं जाती। कुछ समय पहले साई का तकिया चौराहे पर बीच सड़क में सीवर का ढक्कन धंस गया था। यहां पर पुलिस का बैरियर खड़ा कर दिया गया है, लेकिन क्या यह सुरक्षा के लिए पर्याप्त है। इस रोड से ग्वालियर रोड, शमसाबाद रोड, आगे जाकर फतेहाबाद रोड व आगरा कैंट जाने के लिए भी यहां से रास्ता है। सैकड़ों वाहन यहां से गुजरते हैं फिर भी सीवर के ढक्कन पर किसी अधिकारी की निगाह नहीं पड़ रही है। नूरी गेट, आवास- विकास रोड, कटरा वजीर खां एत्माद्उद्दौला, सौ फुटा रोड, टेढ़ी बगिया, ट्रांसपोर्ट नगर, ओम नगर आदि एरिया में सड़कों की हालत खराब है। यहां पर आए दिन हादसे की नौबत बनी रहती है। इन हालातों के बावजूद अखिलेश यादव दावा कर रहे हैं कि उन्होंने बहुत विकास किया प्रदेश का ।

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