उत्तम स्वास्थ्य का साधन है मधुर मुस्कान

उत्तम स्वास्थ्य का साधन है मधुर मुस्कान

ईश्वर प्रदत्त सभी शारीरिक भंगिमाओं में सबसे उत्तम आकृति है मुस्कान। कहते हैं मधुर मुस्कान प्रेम की भाषा है। एक हंसता मुस्कुराता हुआ बच्चा और हंसती हुई तरूणी मन को लुभा जाती है। मुस्कुराता चेहरा सभी को अच्छा लगता है। रोते चेहरे को कोई भी पसंद नहीं करता। मुस्कान एवं किलकारी बच्चे के बौद्धिक एवं शारीरिक विकास में सहायक होती है।
हंसी मन की कुंठा को समाप्त कर देती है। यदि हम दूसरों पर हंसने की अपेक्षा खुद पर हंसें तो अपने मन का बोझ हल्का कर सकते हैं। ओशो कहते हैं कि प्रतिदिन पंद्रह मिनट हंसने से बीमारी पास नहीं फटकती और उम्र में वृद्धि होती है। बुढ़ापा पास नहीं फटकता। जब भी कोई मुस्कुराता है या हंसता है तो वह अपने जीवन में प्रसन्नता की वृद्धि करता है।
उल्लास एवं हंसी का नाम ही जीवन है। एक हंसता, मुस्कुराता हुआ जीवन ही उमंग की निशानी होता है। हंसते हुए व्यक्ति के पास दु:ख बीमारी आदि नहीं फटकते।
मुस्कुराने के लिए होंठों का फड़क उठना ही पर्याप्त है। एक हंसमुख व्यक्ति एक फुव्वारा होता है जिसके शीतल छींटे मन को प्रफुल्लित करते हैं। हंसमुख स्वभाव दीर्घायु का उत्तम साधन है। यदि आप दु:ख में भी सुख की अनुभूति चाहते हैं तो हंसमुख बनो। हंसमुख व्यक्ति कभी किसी की बात का बुरा नहीं मानता, हंसकर गंभीर से भी गंभीर बात एवं समस्या को टाल जाता है और मुसीबतों से टल जाता है।
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किसी ने कहा है कि चेहरा कितना भी सुंदर हो, यदि वह हंसता नहीं तो कठोर मालूम पड़ता है। मुस्कान की भाषा संगीत की भांति अंतर्राष्ट्रीय है। हर व्यक्ति मुस्कान का जवाब मुस्कान से देता है। यह भाषा, जाति, धर्म वाणी, राष्ट्रीयता, अस्पृश्यता और भेदभाव से दूर है। मुस्कान चेहरे को चार चांद लगाती है। आभूषण तुल्य अलंकृत करती है।
यदि आप मुस्कुराते व हंसते रहते हैं तो रोग आपके पास नहीं फटकेंगे। मुस्कान एक औषधि है जो कई रोगों को जड़ से समाप्त कर देती है। मुस्कुराती जवानी सदा स्वस्थ एवं उत्साही होती है। मुस्कुराते हुए लोग फूलों की तरह सुगंध छोड़ते हैं व अपने और दूसरों के गम और निराशा समाप्त करते हैं।
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जिस देश के बच्चे मुस्कुराते हुए जवान होते हैं, उनका भविष्य उज्ज्वल होता है। विज्ञान की नई खोज है हास्य-विज्ञान। क ई बीमारियों का इलाज हास्य-विज्ञान से किया जा रहा है।
आप भी गम, दुख, मुसीबत, का बोझ त्यागें। खुद भी खुश रहें, परिवार एवं मित्रों को भी खुश रखें। जीवन में हंसें खेले, मुस्कुराएं और स्वास्थ्य पाएं।
– विजेन्द्र कोहली गुरदासपुरी

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