इसमें पत्नी का क्या दोष..बेचारी अहिल्या के साथ भी तो यही हुआ था..?

इसमें पत्नी का क्या दोष..बेचारी अहिल्या के साथ भी तो यही हुआ था..?

अनुराग दीपा के साथ रात को दस बजे के बाद एक शादी से स्कूटर से लौट रहा था। रास्ते में सुनसान जगह में कुछ नकाबपोशों ने उन्हें घेर लिया। अनुराग के सामने वे दीपा को जबरदस्ती उठा ले गये। रात को उन नकाबपोशों ने दीपा के साथ बलात्कार किया और सुबह छोड़ गये।
वे गुंडे अनुराग के सामने दीपा को ले गये थे। अनुराग साथ होते हुये पत्नी को बचा नहीं पाया था लेकिन अनुराग ने इज्जत लुट जाने का दोषी दीपा को मानकर उसे तलाक दे दिया।
इस तरह के या इससे मिलते जुलते बहुत से उदाहरण आपको मिल जायेंगे।
हमारे देश में फ्री सेक्स नहीं है। मर्द इर औरत के साथ शारीरिक संबंध स्थापित नहीं कर सकता। हमारे यहां सिर्फ पति-पत्नी के बीच स्थापित शारीरिक संबंध ही जायज माने जाते हैं।
पत्नी पति को ही सर्वस्व मानती है। पतिव्रत धर्म का पालन करते हुए वह तन मन से आजीवन पति के प्रति समर्पित रहती है।
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पति का भी कर्तव्य है कि वह आजीवन सिर्फ पत्नी का होकर रहे लेकिन बहुत से मर्द ऐसे होते हैं जो पत्नी के रहते दूसरी औरतों से शारीरिक संबंध बना लेते हैं। पत्नी को पति के अन्य औरतों से संबंध का पता चल जाता है लेकिन पत्नी कुछ कारणों की वजह से पति को छोडऩे का निर्णय नहीं ले पाती लेकिन पति इस बात को बरदाश्त नहीं कर पाता कि उसकी पत्नी के पराये मर्द से शारीरिक संबंध हैं।
ऊपर का उदाहरण साफ बताता है कि दीपा अपनी मर्जी से गुंडों के साथ नहीं गई थी। पति के साथ होने पर भी वे दीपा को उठा ले गये थे। फिर बेचारी दीपा की क्या गलती थी जो अनुराग ने उसे त्याग दिया।
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अगर पत्नी पूर्णतया पति को समर्पित है, धोखे से या जबरदस्ती कोई आपकी पत्नी की इज्जत लूट लेता है तो इसमें बेचारी पत्नी का क्या दोष है जो पति उसे त्याग देता है। बेचारी अहिल्या के साथ भी तो यही हुआ था। इन्द्र ने धोखे से अहिल्या को अपनी हवस का शिकार बनाया था। ऋषि पति को पता चला तो उन्होंने पत्नी को त्याग दिया। भगवान श्रीराम के समझाने पर अहिल्या का उद्धार हुआ था।
अगर पत्नी को धोखे से कोई हवस का शिकार बना ले तो उसे त्यागें नहीं।
– किशन लाल शर्मा

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