इलायची से घरेलू उपचार : कफयुक्त खांसी होने पर इलायची के चूर्ण से होता है लाभ

इलायची से घरेलू उपचार : कफयुक्त खांसी होने पर इलायची के चूर्ण से होता है लाभ

 औषधीय जड़ी बूटी व मसालों में इलायची मानव समाज के लिए आज बहुत उपयोगी है। यह दक्षिण भारत के प्रांतों में बहुतायत से पैदा की जाती है। इलायची में सुगंधित तेल, उपयोगी रसायन तथा विभिन्न प्रकार के टरपिंन्स रसायन पाये जाते है।
इलायची शीतल, पाचक, सुगंधित, रुचिकर और स्वस्वाद में मधुर होती है। वह हृदय बलदायक, कफ निश्सारक, दुर्गधनिवारक, मूत्रजनक, शूलहर, मुखशोधक, वमननाशक, अग्निगंध तथा बलदायक होती है। इलायची को विभिन्न रूपों में निम्न प्रकार से उपयोग कर मानव समाज को हितकर बनाया जा सकता है।
ह्म् हृदय में दर्द, पेट में जलन या गर्मी होने पर इलायची के चूर्ण को ठण्डे दूध में मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है।
– मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन या गुस्से की अधिकता होने पर इलायची के चूर्ण में तुलसी की पत्ती और पोदीना की पत्ती के चूर्ण के साथ इमली के चूर्ण में सममात्रा में मिश्री के साथ मुंह में चूसने से बहुत लाभ होता है।
किचन में छुपा है आपके सौन्दर्य का राज़..!

– कफयुक्त खांसी होने पर इलायची के चूर्ण को दिन में तीन बार चूसने पर लाभ होता है।
– घबराहट, जी मिचलाना, उल्टी होने पर इलायची के दानों को चूसने से लाभ होता है।
– मुंह की दुर्गंन्ध दूर करने में इलायची के चूर्ण या दानों को पान में चबाने से लाभ होता है।
– अपच या अफारा होने पर इलायची के दानों के चूर्ण को अजवाईन के काड़े में (पानी में उबालकर) देने पर लाभकारी है।
– मूत्र जलन या मूत्रदाह में इलायची के चूर्ण को ठण्डे दूध के साथ मिश्री मिलाकर उपयोग करने से लाभ होता है।
– सिर में दर्द पर इलायची के चूर्ण को पानी में पीस कर पेस्ट को सिर में लगाने पर लाभ होता है।
– मुंह के छाले हो जाने पर इलायची के चूर्ण को शहद के साथ लगाने या चाटने से लाभ होता है।
– अधिक केले खा लेने पर बदहजमी हो जाने पर इलायची के दानों को मुंह में चूसने पर भारीपन दूर हो जाता है।
देते हैं भगवान को धोखा, इन्सां को क्या छोड़ेंगे..?

– श्वेत प्रदर होने की स्थिति में इलायची के दानों के साथ सममात्रा में नाग केसर का चूर्ण और मिश्री मिलाकर मलाई वाले दूध का सेवन करने से लाभ होता है।
– पेट दर्द, अफारा, गैस आदि होने पर इलायची को चूर्ण को सममात्रा में आंवला चूर्ण, सौंठ तथा थोड़ा सा सेंधा नमक के साथ ठंडे पानी से पीने पर लाभ होता है।
– जुकाम होने पर इलायची के चूर्ण के साथ सम मात्रा में काली मिर्च सौंठ, दालचीनी, को 250 ग्राम पानी में काड़ा बनाकर गुनगुना सेवन करने से लाभ होता है।
– अधिक प्यास लगने या मुंह सूखने पर इलायची के चूर्ण को मिश्री के साथ चूसने पर लाभ होता है।– रमेश कुमार जैन

Share it
Share it
Share it
Top