इंसान व भगवान पर कोहरे का सितम जारी

इंसान व भगवान पर कोहरे का सितम जारी

dsc_0197मुजफ्फरनगर। कोहरे का सितम इंसान सहित भगवान पर भी लगातार जारी है। शनिवार को भी कोहरे ने अपना पूरा असर दिखाया। शुक्रवार की मध्यरात्रि से ही इसने अपना विकराल रूप धारण कर लिया था, जिसके चलते रात्रि में चलने वाले अधिकांश वाहन अपने आगे-पीछे की पफॉग लाईट जलाकर सड़क किनारे खडे नजर आये और कुछ फॉग लाईट जलाकर रेंगते हुए नजर आये। कोहरे का असर भौर में भी कम नहीं हुआ, जिसके चलते भगवान भास्कर प्रातःकाल लोगों को मंगलवार की भांति एक बार पिफर से दर्शन नहीं दे सके। कोहरे ने भगवान भास्कर को एक बार पिफर से उनके घर में कैद करके रख दिया। दोपहर 12 बजे भगवान भास्कर किसी प्रकार कोहरे की पकड से बाहर निकले और लोगों को अपने दर्शन दिये। प्रातःकाल कोहरे के भारी असर के चलते लोगों ने एक बार पिफर से अपनी आवाजाही को परिवर्तित किया। भौर में सैर करने वाले युवा व बुजुर्ग अपनी सैर छोडकर घरों में आराम किया।
कोहरे की मार से बचने के लिये बच्चे भी पीछे नहीं रहे। अधिकांश बच्चों ने स्कूल से छुट्टी कर ली, जिसके चलते स्कूलों में छात्रों की संख्या लगभग 50 प्रतिशत के आसपास रही। गौरतलब है कि कडकडाती ठंड व कोहरे के कहर को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी स्कूल-कॉलेजों के समय में परिवर्तन कर उन्हें 10 बजे खोलने का आदेश जारी किया था। कोहरे व हाड कंपाने वाली सर्दी की मार सबसे अधिक उन लोगों पर पड रही है, जिनके सिर पर छत नहीं है। उन्हें ही अपना जीवन व्यतीत करने में परेशानी का सामना करना पड रहा है। घने कोहरे व हाड कंपाने वाली सर्दी को देखते हुए प्रशासन व नगरपालिका पूरी तरह से निष्क्रिय साबित हो रहे हैं।
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उनकी ओर से अभी तक बेसहारा लोगों के सर्दी से बचने के उपाय नहीं किये गये है, जिनमें रैनबसेरा बनाने व अलाव की व्यवस्था करना शामिल है। अनुमान यह लगाया जा रहा है कि शायद नगरपालिका व प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि नगर में अधिकांश स्थानों पर रात्रि के समय बेसहारा लोग खुले में सोते हुए पाये जा रहे हैं, जैसे रेलवे स्टेशन, साईंधाम, रोडवेज बस स्टैण्ड, सिटी सैन्टर व शामली बस स्टैण्ड तथा सहारनपुर बस अड्डा। प्रशासन की बेरूखी को देखते हुए नगरवासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन को अलाव आदि की व्यवस्था करने में किसी प्रकार की परेशानी है, तो वह उसे बयां करें। हम अपनी ओर से चन्दा एकत्र कर अलाव की व्यवस्था कर देंगे, ताकि कोई भी गरीब सर्दी का शिकार होकर मौत के मुंह में न जा सके। कडकडाती सर्दी में लोग अग्निदेव की शरण लेने को विवश हो रहे हैं। अधिकांश लोग अपने घरों में आग जलाकर तापते हुए नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आग इस सर्दी में बचने का सबसे अच्छा व सुलभ माध्यम है। वहीं पड रही कडकडाती सर्दी से इंसान तो प्रभावित है ही, साथ ही पशु-पक्षी भी इससे अछूते नजर नहीं आ रहे हैं। वह भी शाम होते ही अपने आशियाने की ओर लौट जाते हैं। नगर में मकानों की छतों पर बंदरों को कोहरे के बीच अपने बच्चों को लिये देखा जा रहा है।
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