आयुर्वेद में घरेलू उपचार, औषधीय गुणों की भरमार..!

आयुर्वेद में घरेलू उपचार, औषधीय गुणों की भरमार..!

 पीलिया रोग का उपचार:- पीलिया रोग की पहचान यह है कि इससे सारे शरीर का रंग पीला पड़ जाता है। साथ ही आंख व नाखून भी पीले पड़ जाते हैं।मूली के ताजे हरे पत्तों का रस निचोड़कर इसमें मिश्री पीसकर मिलाने के पश्चात सुबह उठते ही खाली पेट पीने से पीलिया रोग दूर हो जाता है। इस रोग में दो माह तक हल्दी, दूध, मिर्च, तले हुए भोज्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।बीड़ी, सिगरेट, शराब, भांग के सेवन से भी पीलिया रोग में दूर रहना चाहिए।
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आंखों की रोशनी के लिए घातक है कुपोषण: वैज्ञानिकों ने अनेक शोध कार्य करने के उपरान्त यह निष्कर्ष निकाला है कि आंखों की बीमारी का मुख्य कारण कुपोषण होता है। कभी-कभी चोट लगने या वायरस जनित बीमारी फैलने से भी आंखों की रोशनी जा सकती है। संतुलित आहार के अभाव में अनेक पोषक तत्वों की शरीर में कमी हो जाती है और शरीर शिथिल होने लगता है।
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विटामिन ए की कमी आंखों की रोशनी को अत्यधिक प्रभावित करती है। अगर गर्भवती महिला कुपोषण का शिकार हो जाती है तो बच्चा जन्मांध भी हो सकता हैं। पीले रंग के फलों एवं दूध के सेवन से विटामिन ए की कमी दूर होती है।
– भरत सिंह वोरा

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