आपदा प्रबंधन में करियर..स्वयंसेवी संस्थाएं दक्ष लोगों को देती है नौकरी

आपदा प्रबंधन में करियर..स्वयंसेवी संस्थाएं दक्ष लोगों को देती है नौकरी

देश का लगभग 60 फीसदी हिस्सा भूकंप प्रभावित भाग के अंतर्गत है। कुछ क्षेत्र भूकंप की अत्यधिक संभावना वाले हैं। बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, अतिवृष्टि, अग्नि, बड़ी दुर्घटनाएं, यह सब आपदा के दायरे में आते हैं। इनमें से किसी न किसी का हमें प्रतिवर्ष देश में कहीं न कहीं सामना जरूर करना पड़ता है।
यह आपदाएं ऐसी हैं जिन्हें टाला नहीं जा सकता। इन आपदाओं से पूरी तरह बच सकने लायक कोई काम पहले से करके नहीं रखा जा सकता लेकिन आपदा के वक्त कुशल लोगों के द्वारा बेहतर प्रबंधन जन-धन की बहुत हद तक रक्षा कर सकता है।
आपदाएं प्राकृतिक ही नहीं, मानव निर्मित भी होती हैं जैसे भोपाल गैसकांड, चेर्नोबिल परमाणु रिएक्टर का फटना, कहीं कोई बम विस्फोट, टे्रन, हवाई जहाज दुर्घटना आदि। प्राकृतिक दुर्घटनाओं में हाल के वर्षों में सुनामी को सबसे बड़ा माना गया है। ऐसी बड़ी दुर्घटनाओं से निपटने हेतु कई देश सांझा प्रयास कर रहे हैं। आपदा के वक्त कुशल प्रशिक्षितों की ज्यादा जरूरत पड़ती है। सरकार ही नहीं, बड़ी कंपनियां भी आपदाओं से निपटने की व्यवस्थाएं रखती हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ, रेडक्रॉस, ह्यूमन राइट्स वाच आदि अनेक बड़ी स्वयंसेवी संस्थाएं भी आपदा प्रबंधन में दक्ष लोगों को नौकरी देती हैं।
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आपदा प्रबंध को अंग्रेजी में डिजास्टर मैनेजमेंट कहते हैं। देश में सरकारी और निजी क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान डिजास्टर मैनेजमेंट का कोर्स कराते हैं। यहां शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल से स्नातक तक की जरूरत होती है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, मैदानगढ़ी दिल्ली में 6 माह से दो वर्ष तक के कोर्स संचालित हैं जिनके लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (1०+2) जरूरी है। पुणे विश्वविद्यालय, पुणे (महाराष्ट्र) भी इंटरमीडिएट शिक्षा प्राप्त लोगों को आपदा प्रबंध में 6 माह से 2 वर्ष तक कोर्स करने की सुविधा देता है।
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकॉलॉजी एंड एनवायरमेंट, पर्यावरण काम्पलेक्स साकेत, नई दिल्ली से डिजास्टर मैनेजमेंट दो वर्षीय पाठ्यक्रम किया जा सकता है जिसके लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक है। पीआरटी इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट इनवायरनमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च, भोपाल भी दो वर्षीय आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रम का संचालन करता है। स्नातक लड़के व लड़कियां यहां से भी आपदा प्रबंधन में कुशलता प्राप्त कर सकते हैं।
आपदा प्रबंधन सिर्फ करियर के लिए ही नहीं, समाज और अपने लिए भी लाभकर है। आपदा प्रबंधन में दक्ष लोग आढ़े वक्त कैसे बचा जाए, इसकी समझ रखते हुए अपना बचाव तो कर ही सकते है।
इसके अलावा वे अपने क्षेत्र के अन्य लोगों को भी आपदा के वक्त बचाव के गुर सिखा सकते हैं। कैरियर का चुनाव करते समय छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन के बारे में भी सोचना चाहिए।
– ए.पी. भारती

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