आपके सौंदर्य का राज ‘आपके बाल’

आपके सौंदर्य का राज ‘आपके बाल’

lovely-hairबाल हमारी बाहरी त्वचा का ही एक भाग होता है जो त्वचा की बाहरी परत एपिडर्मिस से बनता है। प्रत्येक बाल त्वचा के भीतर काफी गहराई तक धंसा रहता है। इसके चारों ओर गुफा आकार की एक रचना बन जाती है। इस गुफा को ‘रोमकूप’ के नाम से जाना जाता है। एक रोमकूम में एक बाल पाया जाता है।
प्रत्येक बाल के दो भाग होते हैं-बाल का जीवित भाग, यानी जड़, दूसरा मृत भाग यानी शैफ्ट। जैसे ही बाल त्वचा से बाहर निकलता है, यह मृत भाग यानी शैफ्ट में बदल जाता है। यही कारण है कि बाल को काटने में हमें दर्द का आभास नहीं होता। हमारे शरीर का प्रत्येक बाल किरोटीन नामक प्रोटीन का बना होता है।
घने लंबे काले बालों की चाह हर नारी में होती है क्योंकि बाल नारी सौंदर्य में चार चांद लगाते हैं। बालों का झडऩा प्रत्येक नारी के लिये चिंता का विषय बन जाता है। बालों की देखभाल करने, उन्हें संवारने तथा सुंदर बनाये रखने के लिये काफी परिश्रम व प्रयास की आवश्यकता होती है। एक ओर काले, घने, लंबे केश नारी सौंदर्य में वृद्धि करते हैं वहीं रूखे, असमय श्वेत होते केशों में नारी न केवल अपनी आयु से बड़ी लगने लगती है बल्कि उसका सारा सौंदर्य व आकर्षण समाप्त हो जाता है।
बाल क्यों झडऩे लगते हैं?
सिर में लगभग 1.5 लाख बाल होते हैं तथा प्रत्येक बाल एक महीने में 2 से 3 इंच बढ़ जाता है। एक बाल की कुल आयु तीन वर्ष होती है तथा अवधि पूरी करने के बाद अपनी जड़ सहित झड़ जाता है। एक बाल के झड़ते ही रोमकूप में नया बाल आ जाता है।
वैसे बालों का पैदा होना और झडऩा एक प्राकृतिक प्रक्रि या है। एक दिन में 40 से 50 बाल झड़ जाना मामूली बात है। इतने बालों का प्रतिदिन झडऩा स्वाभाविक प्रक्रि या है और कोई बीमारी तथा चिंता का विषय नहीं है। यदि बाल इनसे अधिक संख्या में और गुच्छे के रूप में टूटें तो अवश्य चिन्ता का विषय है और बालों की बीमारी और गंजेपन की ओर ले जाने का घोतक है।
यूं बहकते हैं कदम किसी और की तरफ
बाल झडऩे के कारणों में वंश परंपरा से लेकर वातावरण तथा कुपोषण से लेकर संक्र मण तक सभी कारण शामिल किये जा सकते हैं। वैसे तेजी से बाल झडऩे तथा गंजापन पैदा होने के लिये निम्न में से एक कारण हो सकता है-1. हारमोनल कमी 2. आनुवंशिकता 3. कुपोषण 4. खुश्की 5. सिर में गंदगी 6. बीमारी 7. चिंता व तनाव 8. वातावरण
बालों को सुंदर बनाने के लिये क्या करें?
सिर की सफाई रखें:- बालों की सफाई बालों को झडऩे से रोकने के लिये महत्त्वपूर्ण है। धूल, रेत के कण पसीने के साथ मिलकर रोमकूपों को बंद कर देते हैं। रोमकूप बंद हो जाने से बालों की जड़ों तक ताजी व शुद्ध वायु नहीं पहुंच पाती है तथा पसीना भी बाहर नहीं निकल पाता। सिर की सफाई के लिये नियमित रूप से बालों की धुलाई व सफाई नितांत आवश्यक है। घटिया साबुन, कास्टिक सोडा युक्त साबुन तथा सस्ते शैंपू का प्रयोग कदापि न करें नहीं तो लाभ के स्थान पर हानि की संभावना है।
उचित शैंपू का प्रयोग करें:- यह जरूरी नहीं कि बाजार में बिकने वाला प्रत्येक शैंपू आपके बालों के लिये हितकारी ही हो। रूखे या तैलीय बालों को अलग अलग प्रकार के शैंपूओं से धोना चाहिए। शैंपू अच्छी क्वालिटी का होना चाहिये। शैंपू का प्रयोग करने से पहले बालों को अच्छी तरह
अनिंद्रा के है शिकार.. तो ..जानिये..क्या-क्या कोशिश करें…. आप निंदिया को बुलाने के लिए
गीला लेना चाहिए। इसके बाद थोड़ा सा शैंपूं हथेली में लेकर बालों में हल्के हल्के मलना चाहिये। उंगलियों से धीरे धीरे बालों की जड़ों में शैंपू की मालिश करनी चाहिये। कंडीशनर लगाते समय ऐसे कंडीशनर को ही बालों की जड़ों में लगायें जो आपके बालों के अनुकूल हो।अपना कंघा अलग रखें:- बालों में छूत का रोग कंघे द्वारा ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुंचता है। इसके लिये जरूरी है कि आप सदैव अपने कंघे का ही प्रयोग करें। न कभी अपना कंघा दूसरे को दें तथा न दूसरे का कंघा स्वयं प्रयोग में लायें। इससे बालों की बीमारी का संक्र मण नहीं हो पायेगा। कंघी करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि न तो आपके बाल अधिक गीले हों और न अधिक सूखे। दोनों स्थितियों में कंघी करने से बाल अधिक टूटते हैं। कंघा चौड़े दांतों वाला तथा चिकना हो तो अच्छा है।
चिंता व तनाव से दूर रहें:- चिंता व तनाव भी बालों के झडऩे का मुख्य कारण है। जहां तक हो, चिंता व तनाव से बचने का प्रयास करना चहिये। योगासन तथा व्यायाम से चिंता विमुक्त रहने में काफी सहायता मिलती है।
बालों को स्वाभाविक रूप से सुखायें:- बालों को सुखाने के लिये कपड़े से रगडऩा तथा झटके देना बालों के लिये घातक होता है। बालों को मोटे रोयेदार तौलिया से सुखायें और फिर बालों को अपने आप सूखने दें।
भोजन में उच्च प्रोटीन युक्त भोजन लें:- बालों के निर्माण में प्रोटीन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तथा बालों की रक्षा के लिये भी प्रोटीन युक्त पदार्थ खाने से आशातीत लाभ होता है। बालों की रक्षा के लिये दाल, अंडे व दूध का नियमितता से प्रयोग करना चाहिये। इसके अलावा फलों तथा हरी सब्जियों का नियमित प्रयोग कर खनिज लवणों तथा विटामिनों की आपूर्ति की जा सकती है। अन्य सभी सावधानियों के साथ संतुलित आहार बालों को स्वस्थ व चमकीला बनाने के लिये परम आवश्यक है।
यदि आप उपर्युक्त सुझावों को ध्यान में रखकर अपने बालों की देखभाल करेंगी तो आपके बाल निश्चित ही लंबे समय तक आपके चेहरे पर रौनक बढ़ाते रहेंगे तथा आपका सौंदर्य चिरस्थाई बना रह सकेगा।[दैनिक रॉयल unnamed
बुलेटिन की मोबाइलएप को डाउनलोड कीजिये….गूगल के प्लेस्टोर में जाकर
royal bulletin
टाइप करे और एप डाउनलोड करे..आप हमारी हिंदी न्यूज़ वेबसाइट
www.royalbulletin.com
और अंग्रेजी news वेबसाइटwww.royalbulletin.in को भी लाइक करे..]
– तारा ‘राज’

Share it
Top