आज हो सकती है जीएसटी दरों की घोषणा…राज्यों को होने वाली क्षतिपूूर्ति पर बनी सहमति

आज हो सकती है जीएसटी दरों की घोषणा…राज्यों को होने वाली क्षतिपूूर्ति पर बनी सहमति

gstनयी दिल्ली 18 अक्टूबर- देश में अब तक के सबसे बड़े अप्रत्यक्ष कर सुधार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के लिए बनायी गयी जीएसटी परिषद में इसके लागू होने से राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई पर सहमति बन गयी है।
इसके लिए आधार वर्ष 2015-16 होगा तथा जीएसटी दर की घोषणा बुधवार को की जा सकती है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की तीन दिवसीय बैठक आज शुरू हुयी।
पहले दिन की बैठक के बाद श्री जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि क्षतिपूर्ति के मुद्दे का समाधान हो गया है और जीएसटी से जिन-जिन क्षेत्रों में राजस्व नुकसान होगा उसकी भी पहचान कर ली गयी है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी से जुड़े हर मुद्दे का समाधान जीएसटी परिषद को ही करना है और परिषद के समक्ष दरों से संबंधित पाँच ढाँचों के विकल्प पेश किये गये हैं।
लक्जरी वस्तुओं पर जीएसटी के साथ ही अधिभार लगाने पर विचार हो रहा है।
जीएसटी दर पर कल सहमति बनने और घोषणा किये जाने की उम्मीद है।
इस बीच केरल के वित्त मंत्री टी.एम. थॉमस इसाक ने बैठक के बाद कहा कि जीएसटी दर के चार स्लैब पर चर्चा हो रही है।
परिषद में राज्यों की क्षतिूपर्ति पर सहमति बन गयी है और इसका आधार वर्ष 2015-16 होगा।
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सूत्रों ने कहा कि परिषद को जीएसटी दर के संबंध में विस्तृत ब्यौरा दिया गया है।कर योग्य सभी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर 20 से 25 फीसदी तक हो सकती है लेकिन कुछ वस्तुयें उचतम दर 26 प्रतिशत के दायरे में रह सकती हैं।
राज्यों द्वारा जीएसटी लागू होने पर राजस्व नुकसान को लेकर जतायी जा रही चिंताओं के मद्देनजर केन्द्र जीएसटी दर पर राज्यों की रजामंदी को लेकर ऐसा प्रस्ताव कर सकता है।
ऐसा समझा जा रहा है कि जीएसटी की मानक दर 18 फीसदी ही रखने पर सहमति बन सकती है, हालाँकि राज्यों ने इसे 22 फीसदी पर रखने का प्रस्ताव किया था।
जीएसटी दर को लेकर चार स्लैब बनाने पर विचार किया जा रहा है जिसमें उच्चतम दर वाला स्लैब 26 फीसदी हो सकता है।
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हालाँकि, सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम् की समिति ने विलासिता की वस्तुओं के साथ ही महँगी कारों, पान मसाला, विभिन्न तरह के पेय पदार्थाें, तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों पर अधिकतम 40 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव किया था।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, महँगी कारें और विलासिता की वस्तुओं पर 26 फीसदी कर लगाया जा सकता है।
हालाँकि, उन्होंने लक्जरी कारों के लिए 26 फीसदी से अलग भी स्लैब बनाये जाने की संभावना जतायी है जिसमें जीएसटी दर 40 प्रतिशत भी हो सकती है या अधिभार लगाया जा सकता है।दैनिक रॉयल unnamed
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