आईआईपी,सीआईपी के आंकड़े से तय होगी शेयर बाजार की चाल

आईआईपी,सीआईपी के आंकड़े से तय होगी शेयर बाजार की चाल

मुम्बई। भू-राजनैतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों की मुनाफावूसली से गत सप्ताह हल्की गिरावट में बंद होने वाले शेयर बाजार के अगले सप्ताह की चाल औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीआईपी) के आंकड़े तय करेंगे। आलोच्य सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 11.23 अंक की मामूली गिरावट के साथ 31,262.06 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 14.75 अंक फिसलकर 9,668.25 अंक पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह के पहले दिन सोमवार को विदेशी बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच अच्छे मानसून के प्रति निवेशकों की मजबूत सकारात्मक धारणा होने से पूंजीगत वस्तु और सीडीजीएस समूह में हुई लिवाली के दम पर सेंसेक्स नया कीर्तिमान बनाते हुए 36.20 अंक की बढ़त के साथ 31,309.49 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी 21.60 अंकों के उछाल के साथ 9,675.10 अंक के स्तर पर पहली बार पहुंचा। मंगलवार को एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और नये शिखर पर पहुंचने के मद्देनजर हुयी मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स 119 अंक गिरकर 31,190.56 अंक पर और निफ्टी 38 अंक फिसलकर 9,637.15 अंक पर बंद हुआ । इस दौरान चौतरफा बिकवाली देखने को मिली जिससे छोटी और मंझोली कंपनियों में भी मुनाफावसूली हुयी। बुधवार को विदेशी बाजारों से मिश्रित संकेतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कोई बदलाव न करने और सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में 50 आधार अंकों यानी 0.5 प्रतिशत कटौती करने की घोषणा के बाद हुयी लिवाली से सेंसेक्स गिरावट से उबरता हुआ 80.72 अंक चढ़कर 31,271.28 अंक पर और निफ्टी 26.75 अंक उछलकर 9,663.90 अंक पर पहुंच गया। गुरुवार को शेयर बाजार फिर गिरावट में बंद हुए। अधिकतर एशियाई बाजारों में रही तेजी के बावजूद घरेलू स्तर पर हुई मुनाफावसूली के दबाव में सेंसेक्स 57.92 अंक की गिरावट के साथ 31,213.36 अंक पर और निफ्टी 16.65 अंक लुढ़ककर 9,647.25 अंक पर आ गया। शुक्रवार को इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो जैसी सूचकांक आधारित भारी-भरकम कंपनियों में रही बिकवाली के बावजूद विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों तथा रिएल्टी और ऑटो समूह में हुई लिवाली से सेंसेक्स गिरावट से उबरते हुए 48.70 अंक की बढ़त के साथ 31,262.06 अंक पर और निफ्टी 21.00 अंक चढ़कर 9,668.25 अंक पर बंद होने में सफल रहा। कारोबारियों के मुताबिक गत सप्ताह शेयर बाजार ने नया कीर्तिमान बनाया लेकिन उसके साथ ही इस पर मुनाफावसूली का दबाव भी उतनी ही तेजी से बढ़ गया। वैश्विक भू राजनैतिक परिस्थितियों की वजह से शेयर बाजार दबाव में रहा लेकिन रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कोई बदलाव न करने की घोषणा ने इसे थाम लिया।
बीते सप्ताह सेंसेक्स की 30 में से 14 कंपनियों के शेयरों के भाव लुढ़क गये जबकि शेष 16 कंपनियां हरे निशान में रहीं। सबसे अधिक घाटा गेल ने उठाया, जिसके शेयर के भाव 5.31 फीसदी टूटकर 380.95 रुपये प्रति शेयर हो गये। इसी तरह आईटीसी के शेयरों में 4.06, विप्रो में 2.75, एनटीपीसी में 2.74, ओएनजीसी में 2.73 , कोल इंडिया में 2.66, टाटा मोटर्स में 2.37, इंफोसिस में 2.15, टीसीएस में 2.01, हीरो मोटोकॉर्प में 1.62, भारती एयरटेल में 1.41, एशियन पेंट्स में 0.74, एल एंड टी में 0.42 और ल्यूपिन में 0.39 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट रही।
आलोच्य सप्ताह में सबसे अधिक मुनाफा मारुति ने कमाया। कंपनी के शेयरों में 4.73 फीसदी की साप्ताहिक तेजी रही। मारुति के अलावा सिप्ला के शेयरों में 4.04, डॉ रेड्डीज में 3.03, टाटा स्टील में 2.99, एचडीएफसी में 2.16, सनफार्मा में 1.94, एचडीएफसी बैंक में 1.90, आईसीआईसीआई बैंक में 1.18, एक्सिस बैंक में 1.10, रिलायंस में 0.81, हिंदुस्तान यूनीलीवर में 0.76, अदानी पोटर्स में 0.71, बजाज ऑटो में 0.70, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.57, भारतीय स्टेट बैंक में 0.38 और पावर ग्रिड में 0.29 फीसदी की साप्ताहिक बढ़त रही।

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