आंखों को सुरक्षित रखें..आंखें कमजोर हो जाने के बाद हर दौलत है बेकार !

आंखों को सुरक्षित रखें..आंखें कमजोर हो जाने के बाद हर दौलत है बेकार !

  आंखों के विषय में जितना कहा जाये, कम है। इनके बिना जीवन के सारे रंग फीके पड़ जाते हैं इसलिए इनकी सुरक्षा करना बहुत जरूरी है क्योंकि आंखें कमजोर हो जाने
के बाद दुनियां की हर दौलत बेकार लगती है।
स्वस्थ आंखों के लिए आराम बहुत जरूरी है। एक वयस्क व्यक्ति को कम से कम आठ घंटे सोना चाहिए। सोते समय कमरे की खिड़कियां खुली होनी चाहिए ताकि शुद्ध-ताजा हवा बराबर मिलती रहे। बंद कमरे में सोने से आंखों के इर्द-गिर्द काले घेरे बन जाते हैं। लेटते समय सिर के नीचे ऊंचा तकिया न लगाएं। आंखों पर कभी भी अधिक बल पडऩे वाले कार्य नहीं करने चाहिए। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ जरूरी बातों पर हमेशा ध्यान रखें।
– बारीक काम करते समय हर बीस मिनट में काम बंद कर हथेली से दोनों आंखों को कसकर दबाएं। पन्द्रह-बीस सेकण्ड ऐसा करने से आंख की मांसपेशियों का तनाव दूर होता है।
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– आंखों की सुरक्षा के लिए भोजन में विटामिन ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ की प्रचुर मात्रा होनी चाहिए। दूध, हरी सब्जियां और फलों के सेवन से आंखें स्वस्थ रहती हैं। आंखों के चारों ओर का काला घेरा नींद की कमी, थकान, और निरतंर चिंता से बनता है। इसके लिए चाय के हल्के गर्म पानी में रूई का फाहा भिगोकर आसपास की त्वचा को सेंकना चाहिए।
– आंखों के नीचे लटकती त्वचा के लिए हल्के गर्म पानी में नमक मिलाकर उसमें रूई का फाहा भिगोकर आंखों पर रखें और ठंडा होने पर हटाएं।
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– कई लोगों की भौंहों और पलकों के बीच की नरम त्वचा उभरी-सी होती है। यह नियमित मालिश से ठीक होती है। मालिश माथे के पास नाक के छोर से ऊपर आंखों की नोक तक गोलाई में करनी चाहिए।
– दोनों आंखों को एक साथ जल्दी-जल्दी लगभग दस बार झपकाइए। फिर कुछ क्षणों के लिए आंखें मूंद लीजिए। इसे दस बार दोहराइए। इससे पलकों का भीतरी भाग तरल और चुस्त होगा।
– पुतलियों को बाईं ओर से ऊपर फिर दाई ओर से नीचे की ओर घड़ी की सूई की तरह चारों ओर जल्दी-जल्दी घुमाएं। कुछ क्षण आराम के पश्चात उल्टी दिशा में यह प्रक्रिया दोहराएं। इससे आंखों के नीचे धब्बे नहीं पड़ते और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
– दर्पण के सामने अपनी प्रतिछाया को आंखों में आंखें डालकर पांच मिनट तक एकटक देखने से आंखों को आराम मिलने के साथ-साथ नजर भी तेज होती है।
– पंकज भूषण पाठक

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