अरेंज्ड मैरिज से नर्वस न हों: सहनशीलता अपनाएं..प्यार बढ़ाएं

अरेंज्ड मैरिज से नर्वस न हों:  सहनशीलता अपनाएं..प्यार बढ़ाएं

 शादी-विवाह एक ऐसी सामाजिक परंपरा है जिसमें प्रत्येक युवक और युवती को एक निर्धारित आयु के बाद बंधना होता है। युवा होने पर युवक एवं युवती की आंखों में अपने जीवन साथी के लिए अनगिनत ख्वाब होते हैं लेकिन जब आखों में तैरते ख्वाबों का सच्चाई से मिलन होता है तो कई बार अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है लेकिन अगर आप कुछ बातों पर गौर करेंगे तो यह विवाह एक अच्छा अनुभव बन कर जिंदगी में खुशियों की बहार ला देगा।
नर्वस न हों:- अक्सर अरेंज्ड शादी में शादी से पहले हर कपल नर्वस हो जाता है। इस घबराहट की दो प्रमुख वजहें हैं। एक तो पार्टनर के साथ एडजस्ट होना और स्पेस शेयर करना, दूसरा दूसरे परिवार के लोगों के व्यवहार और उनकी आदतों के अनुरूप खुद में परिवर्तन लाना होता है लेकिन यदि आप रिलैक्स्ड मूड में अपने पार्टनर से खुलकर बात करें तो पार्टनर को समझना सरल होगा तथा एक दूसरे के करीब भी आ जाएंगे।
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सहनशीलता अपनाएं:- हर परिवार का एक अलग माहौल व कल्चर होता है। दूसरे के घर एकदम से किसी को भी समझ नहीं आएगा लेकिन इन सब बातों को सोचकर परेशान होना भी ठीक नहीं है। बेहतर होगा रिलैक्स रहें और इस बात को अच्छी तरह से समझ लें कि अरेंज्ड मैरिज का दूसरा नाम ही एडजस्टमेंट है। शादी के शुरूआती दिनों में घर के किसी सदस्य में कोई बुराई भी दिखे तो उसके प्रति गलत शब्द का प्रयोग न करें। साथ ही अगर आपके किसी काम से परिवार के सदस्य खुश न हों और आपको कुछ कहें तो उस बात का बुरा न मानें, न ही कोई गलत जवाबदारी करें। जहां तक हो सहनशीलता अपनाएं।
सम्मान करें:- शादी होने के बाद आपके सास ससुर भी आपके माता पिता के समान ही हैं। कभी-कभी अगर वह कुछ कहें भी तो उनकी बात को दिल पर न लें। व्यर्थ कोई किसी से कुछ नहीं कहता। उनके टोकने, रोकने पर अपनी गलती सुधारें। अपने काम और आचार व्यवहार से उनका दिल जीत लें। कुछ ऐसा माहौल बना दें जिससे उनकी जुबान पर बस आपका ही नाम रहे।
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प्यार बढ़ाएं:- लव मैरिज का मतलब है पहले प्यार फिर शादी लेकिन अरेंज्ड मैरिज का मतलब है पहले शादी, उसके बाद प्यार। अरेंज्ड मैरिज में प्यार को पनपने में कुछ समय लगता है। एक दूसरे को समझने का समय दें, एक दूसरे के लिए अलग से समय निकाले ताकि ज्यादा से ज्यादा पसंद नापसंद व भावनाओं को समझ सकें। अगर आपको अपने पार्टनर से प्यार हो जाए तो उसी वक्त यह उम्मीद न करें कि वह आपकी फीलिंग्स को समझेगा। आपकी भावनाओं को समझने में उसे कुछ समय लगेगा। छोटी-छोटी बातें व नोक झोंक से परेशान न हों। अरेंज्ड मैरिज का दूसरा नाम कमिटमेंट और त्याग है।
– विवेक शर्मा

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