अमेरिका की बेमानी चिंता

अमेरिका की बेमानी चिंता

भारत में धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा और सरकार की धीमी कार्रवाई पर अंतरर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अमेरिका के एंबेसेडर एट लार्ज रब्बी डेविड नाथन सुपरस्टीन ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि भारत सरकार जब कभी धर्म के नाम पर हिंसा होती है या अतिउत्साही गौरक्षकों संबंधी मामलों पर कार्रवाई करने की बात होती है तो उसकी गति धीमी हो जाती है। इस पर अमेरिका ने चिंताएं जाहिर की हैं। एक ऐसा देश हमारी धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर रहा है जो खुद धर्म के आधार पर आतंकी तैयार करने और फिर हमले करने का आरोपी है। यह कोई और नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप कह रहे हैं। दरअसल ट्रंप का कहना है कि वे राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा का सम्मान करते हैं जो इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया यानी आईएसआईएस के संस्थापक हैं। इससे पहले ट्रंप ने अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंदी हिलेरी क्लिंटन को आईएसआईएस का संस्थापक बता चुके हैं। अब ऐसे में यदि अमेरिका भारत के मामलों में चिंता जाहिर करता है तो वह बेमानी ही होगी।

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