अब पीठ दर्द से पाएं छुटकारा

अब पीठ दर्द से पाएं छुटकारा

pain तेज रफ्तार से बदलती जिंदगी ने सबका लाइफस्टाइल बदल दिया है जिसका प्रभाव शरीर के विभिन्न अंगों पर धीरे धीरे पड़ऩा शुरू हो जाता है। इनमें से पीठ का दर्द एक आम समस्या के रूप में देखा गया है लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया
जाए तो यह बड़ी मुसीबत भी बन सकता है।
रोजमर्रा के काम गलत ढंग से करने से कमर और पीठ का दर्द होता है। एक स्टडी के मुताबिक हर चार में से एक महिला और हर दस में से एक पुरूष कमर दर्द से पीडि़त है। पीठ का दर्द अपने आप में कोई रोग नहीं है बल्कि कई रोगों या गलत आदतों से पैदा हुआ एक लक्षण मात्र है। आमतौर पर उम्र बढ़ऩे के साथ शुरू होने वाले पीठ दर्द की शिकायत अब नौजवानों में भी भी होने लगी हैं इसलिए पीठ के दर्द को कभी भी नजरअंदाज न करें।क्यों होता है पीठ का दर्द:-
ज्यादा भार वाला सामान उठाना।
खराब गद्दे पर सोना।
गलत पाश्चर में उठना-बैठना-सोना।
अधिक मोटापा।
किसी प्रकार की चोट लगने के कारण।
बहुत मानसिक दबाव, तनाव, चिंता और थकावट।
संतुलित भोजन के अभाव में।
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इन बातों का रखें ध्यान:-
– हमेशा सीधे बैठना चाहिए। ज्यादा देर तक लगातार कुर्सी पर न बैंठे। आधे-आधे घंटे के अंतराल में उठकर थोड़ी देर टहल लेना चाहिए।
– हमेशा सीधा चलें। सिर, गरदन और कंधे को एक सीध में रखकर चलें।
– कोई वजनदार चीज न उठाएं। गलत तरीके से सामान उठाने से डिस्क में फ्रैक्चर की आशंका बढ़ जाती है। अपनी पीठ पर क्षमता से अधिक सामान उठाकर या पीठ को ज्यादा देर झुका कर काम करने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव न डालें। अगर कभी कुछ वजनदार चीज उठाएं भी तो घुटनों को मोड़कर उठाएं ताकि कमर पर जोर न पड़े।
– अपने भोजन में प्रोटीन, कैल्शियम व विटामिन डी की मात्रा बढ़ाएं। ये रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाते हैं और आस्टियोपोरोसिस से बचाव करते हैं। जोड़ों में तरलता बनाए रखने के लिए आप सूरज की धूप में कुछ समय बिताएं आपैर भरपूर पानी पिएं। मछली, अनाज, लौकी, तिल और हरी सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें।
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कैसे पाएं पीठ दर्द से छुटकारा:-
न करें स्मोकिंग:-
सिगरेट पीने वालों के शरीर में निकोटिन की मात्रा बढऩे लगती है जिससे खून में आक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। आक्सीजन की कमी से हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होती हैं और दर्द का कारण बनती हैं। इसका प्रभाव अंदरूनी जोड़ों की डिस्क पर पड़ता है।
भागदौड़ व चिंता वाले जीवन से बचें:-
इस भागम भाग वाली जिंदगी में अपने शरीर को आराम देना भी अनिवार्य है नहीं तो पीठ का दर्द असहनीय हो जाता है। महिलाओं को अपनी जिंदगी से तनाव कम करना चाहिए। तन कर चलें, सही खाएं-पिएं, रोज व्यायाम करें और तनाव न पालें।
मोटापा:-
व्यायाम न करना और खान-पान पर ध्यान न देने से रीढ़ की मांसपेशियों, नसों और लिंगामेंट्स पर बुरा प्रभाव पड़ता है। पीठ के तनाव को कम करने के लिए योग या सामान्य वर्कआउट भी फायदेमंद हैं।करें आराम:-
पीठ में ज्यादा दर्द हो तो व्यक्ति को काम नहीं आराम करना चाहिए। रोगी को ठोस बिस्तर पर सोना चाहिए। इसके अलावा कभी भी अपनी मर्जी से दर्द निवारक दवाइयां न लें। लापरवाही न करते हुए तुरंत डाक्टर को दिखाएं।सोते समय पाश्चर ठीक रखें:-
सोते समय एक ही मुद्रा में न लेटें। रीढ़ व गर्दन के सामान्य घुमाव पर दबाव न डालें।
इसके लिए आधा समय पीठ के बल लेटें और आधा समय पेट के बल लेटें। करवट ले कर टांगें सीधी करके भी सो सकते हैं।– शिवांगी झाँब प ये ख़बरें और ज्यादा पढना चाहते है तो दैनिक रॉयल unnamed
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