अनमोल वचन

अनमोल वचन

यह संसार है, अनगिनत लोग हैं, भिन्न-भिन्न प्रकार के जीव हैं, भिन्न-भिन्न प्रकार की जीवन शैली है, कुछ की भावनाएं शुभ हैं, तो कुछ विकारों से युक्त हैं। कहीं मनुष्यों का मेला है तो कहीं पशु-पक्षियों का जमघट। कहीं कीडे मकोडे हैं तो कहीं पेड-पौधों का जंगल, कहीं पानी का सुन्दर प्रवाह है तो कहीं सागर की लहरों का खेल। सबके अपने-अपने क्षेत्र हैं, अपने-अपने स्वाभाव और संस्कार हैं। यदि आप इसका अतिक्रमण करेंगे तो भटककर रह जायेंगे। इस विराट दुनिया में से कितने लोग आपके साथ-साथ चल रहे हैं, आप उनमें से कितनों को जानते हैं। सबको जानने का प्रयास करेंगे तो कई जन्म बीत जायेंगे। इनमें से कुछ ही आपके साथ हैं। यदि इनसे भी अधिक अपेक्षाएं करेंगे तो अपेक्षाओं में ही जीवन समाप्त हो जायेगा, इसलिए आज तक किसी को भी पूर्ण सुखी और सन्तुष्ट नहीं देखा होगा। लोग अपनी भूख मिटाने के लिये अपनों को ही खाये जा रहे हैं, परन्तु वे अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिये ही सब कर रहे हैं। कहते हैं वे अपने परिवार, अपने बच्चों और अपने समाज के लिये ही सब कुछ कर रहे हैं, परन्तु इस सबके पीछे उनकी महत्वाकांक्षा पद, प्रतिष्ठा और मान अपमान के कारण निहित है। आप भी इस गम का शिकार होना चाहते हैं तो चल पडिये इन्हीं रास्तों पर, उन्हीं अनेक लोगों के साथ, फिर देखिये जिंदगी और इस संसार की सच्चाई आपको अपनी औकात का ज्ञान भी हो जायेगा।

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