अनमोल वचन

अनमोल वचन

जीवन का एक क्षण भी हमारे जीवन मूल्यों और जीवन की दशा को बदल सकता है। यह हमें सोचना चाहिए कि हम क्या करना चाहते हैं, आज क्या करते हैं और करना क्या चाहिए। हम किस रूप में और किस प्रकार से याद किये जाना चाहते हैं। हम आज जो करते हैं, वही निश्चित करेगा कि कल हमें लोग कैसे याद करेंगे। हम किन-किन विशेषणों के साथ याद किये जायेंगे। इसलिए हम जो भी करें, सोच समझकर करें। कहीं अनजाने में हम ‘समाज के कोढ’ और ‘मानवता के लिये कलंक जैसी यादें न छोड जायें। जीवन में सुख और शान्ति चाहते हो तो मौत का अभ्यास करो। अपनी वास्तविक मृत्यु से पहले एक बार मरकर देखो। घबराओ मत। मौत की केवल कल्पना ही तो करनी है। मौत को याद करने से तुम जल्दी नहीं मर जाओगे, परन्तु मौत के स्मरण से तुम्हारे मन में जो पाप और वासनाएं हैं, वे अवश्य मर जायेंगी। आज का आदमी बहुत चालाक है, वह मृत्यु का नाम तक सुनना नहीं चाहता। शादी के अवसर पर यदि कोई बच्चा कह दे ‘राम नाम सत्य है’ फिर देखना मजा, जबकि इस वाक्य में झूठ कुछ भी नहीं। हर आदमी उसे फटकारेगा। ध्यान रहे- मृत्यु की राख पर जीवन का पौधा उगता है और जीवन फिर मृत्यु की राख में विसर्जित हो जाता है। मृत्यु की कल्पना तुम्हें आगे पाप करने से बचा सकती है।

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