अनमोल वचन

अनमोल वचन

यह निश्चित है कि अच्छाई और बुराई में यदि किसी चीज को चुनना है तो आप अच्छाई को ही चुनेंगे। बुराई चुनना कोई भी पसंद नहीं करेगा। मुख्य बात यह है कि इस संसार में रहते हुए और संसार से जाने के बाद यदि कुछ जिंदा रहता है, तो वह अच्छाई ही है। अच्छाई को लम्बे समय तक याद किया जाता है। अच्छाई के सामने बुराई कहीं टिकती नहीं। बुराई कितनी भी बडी क्यों न हो, वह अच्छाई के सामने छोटी ही रहती है। बिच्छू और संत की कथा लगभग सभी ने सुनी है। बिच्छू जैसा डंक मारने की प्रवृत्ति आज के समाज में बहुतायत से पायी जाती है। प्राय: उपकार का बदला अपकार में दिया जाता है, परन्तु समय और परिस्थिति के अनुसार बुराई को दूर रखने की प्रवीणता यदि आप में है तो बिच्छुओं के डंक से स्वयं को बचा सकते हो। लोग अच्छाई को बरकरार रखने की राह पर नहीं चलते, बल्कि बदला लेने की दुर्भावना की आदत को अपने स्वाभाव में सम्मिलित कर लेते हैं। इसी कारण समाज में नफरत फैल रही है। शिक्षा हो, व्यापार हो, राजनीति हो, हर तरफ बुराई का डंक पैदा हो रहा है। धारणाएं बदल रही हैं। अच्छे और बुरों के बीच लोगों ने भेद करना बंद कर दिया है। जीवन में उसी ने कुछ पाया है, जिसने अच्छाई को समझा है। अच्छों के साथ रहने वाले भी धीरे-धीरे अच्छे बनने लगते हैं। इन्सान की अच्छाईयों को उसकी मृत्यु के पश्चात भी याद करते हैं। इसलिए अच्छाई  और केवल अच्छाई का मार्ग ही अपनाना चाहिए।

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