अनमोल वचन

अनमोल वचन

सीखना है तो प्रकृति से सीखो, उसके तत्वों से सीखो, उसके एक-एक ग्रह से सीखो, सूर्य है, चन्द्रमा है, उन्हें देवता की संज्ञा ऐसे थोडी ही मिली है, उन्होंने देना सीखा है, भला करना सीखा है, प्राणी मात्र को सुख पहुंचाना सीखा है। सूर्य हर समय, हर स्थान पर हर दशा में केवल प्रकाश देता है, कभी अंधेरा नहीं देता, ताकि लोग वास्तविकता को देखें, सच्चाई को देखें, ठीक रास्ते पर चलें, भूले नहीं, भटके नहीं, ऐ इन्सान तू भी ऐसा कर, दूसरों को प्रकाश दे, उन्हें सच्ची राह दिखा, उनके लिये अंधेरा न पैदा कर, उनके लिये समस्याएं खडी न कर। उन्हें वास्तविकता की ओर, सच्चाई की ओर, पुण्य की ओर जाने का रास्ता दिखा। उन्हें झूठ, पाप और अज्ञान की ओर ले जाने का यत्न न कर, उन्हें अच्छे विचार दे। बुरे विचार देकर उन्हें विनाश की ओर ले जाने का यत्न न कर। आपस में प्यार और सद्भाव की शिक्षा दे और स्वयं भी उस पर अमल कर आपस की फूट से घर का, परिवार का, ग्राम का, शहर और देश के विनाश का मार्ग ही तो तैयार होता है। महाभारत से आज तक यह रोग कम नहीं हुआ, यह हमारे पीछे लगा है। न जाने यह भयानक ‘फूट’ का राक्षस कभी छूटेगा अथवा कौम को सब सुखों से छुडाकर दुख के समुद्र में डुबो देगा। परमेश्वर कृपा करे, मेरे देश का इस राक्षस से पीछा छूटे और सब सूर्य की भांति सबकी भलाई के बारे में ही सोचें।

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