अनमोल वचन

अनमोल वचन

सूर्य को अपना गुरू मानो, जो सारे संसार को अपनी लाभदायी किरणों से जीवन देता है, गन्दगी को समाप्त करता है, स्थान-स्थान से गंदे से गंदे स्थानों से मीठा पानी सोख लेता है, इसके बदले में प्राणी मात्र से क्या लेता है? वह लेता कुछ नहीं, केवल देता है, इसलिए उसे सूर्य देवता कहा जाता है। मीठा पानी उस स्थान से लेता है, जिस स्थान का पानी मनुष्य के पीने योग्य नहीं और इस पानी को भी भाप और बादल बनाकर जमीन को वापस कर देता है, ताकि कुएं तालाब भर जायें। पहाडों पर बर्फ गिरे, ताकि पिघलकर नदियों को भर दे, खेतों को नहला दे, इन्सानों और पशुओं को, पक्षियों और कीडे मकोडों को पानी मिल जाये, जो उनके जीवन का आधार है। ऐ इन्सान तू भी उससे शिक्षा ले, तू भी ऐसा ही कर। तेरे अन्दर प्रभु की दी हुई शक्ति है, गुण है, खूबी है। धन है तेरे पास, ज्ञान भी है, विज्ञान भी है, तू इनसे दूसरों का भला कर। अपनी इन विशेषताओं का इस प्रकार उपयोग कर कि सबका भला हो, सबका लाभ हो, सब लोग ऊपर उठें, सब उन्नति करें, मानवता का कल्याण हो।

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