अनमोल वचन

अनमोल वचन

बाग में माली पौधों को अधिक उपयोगी बनाने के लिये उनमें भलीभांति खाद, पानी, निराई, गुडाई तथा छंटाई आदि कर्षण क्रियाएं करता रहता है। किसान खेत में बीज बोने से लेकर फसल के बढने तथा पकने तक की अवधि में देखरेख में जितनी सतर्कता दिखाता है, उसी के अनुपात में फसल प्राप्त करता है। उपेक्षा तथा देखरेख के अभाव में मूल्यवान पौधे भीसूख जाते हैं अथवा अविकसित रह जाते हैं। उनसे अच्छे फलों की आशा नहीं की जा सकती। इसी प्रकार सन्तान के पालन पोषण में समुचित देखरेख की जाये, उनकी आदतों, क्रियाकलापों एवं शिक्षा पर पूरा ध्यान रखा जाये। सामान्य परिस्थितियों एवं अल्प सुविधाओं में पैदा होने वाले बच्चे भी महान व्यक्ति बन सकते हैं। इसके विपरित बच्चों के पालन पोषण एवं देखरेख में उपेक्षा की प्रवृत्ति अपनाई गई तो प्रतिभाशाली बच्चे का भी विकास रूक जाता है। इस लिये चतुर बागवान जिस प्रकार अपने बाग के एक-एक पौधे की पालना करता है, उसी प्रकार सन्तान की परवरिश की जाये, ताकि दिनोंदिन उसकी उन्नति निर्बाध होती रहे।

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