अनमोल वचन

अनमोल वचन

सुन्दर कौन? सुन्दर वह जो दूसरों और स्वयं के प्रति अच्छी भावनाएं रखे। व्यक्ति के बाहरी रूप रंग से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती है, उसके भीतर की सुन्दरता। सुन्दरता व्यक्ति की त्वचा में नहीं, बल्कि उसके व्यवहार में, व्यक्तित्व के गुणों के रूप में झलकनी चाहिए। सुन्दरता का अर्थ है चिंतन, चरित्र एवं व्यवहार की समरूपता तथा आन्तरिक गुणों का विकास। जब ये गुण आदमी के व्यवहार में परिलक्षित होते हैं तो उस व्यक्ति को नि:संदेह सुन्दर कहा जा सकता है। आज देश में ऐसे सांवलों की संख्या बहुत है, जो गौरा होना चाहते हैं, क्योंकि चमडी का गौरा होना ही उनकी दृष्टि में सौंदर्य है, गौरा दिखने में ही सुन्दरता है। सांवला रंग भी सुन्दर हो सकता है, ऐसा लोग सोच ही नहीं पाते, किन्तु सही सोच यह है कि असली सुन्दरता भीतर की है, बाहर की नहीं। अपनी अज्ञानता के कारण वह आन्तरिक सौंदर्य को बढाने के सापेक्ष बाह्य सौंदर्य की वृद्धि के लिये सौंदर्य प्रसाधनों पर अपना धन लुटाता रहता है, जिसके मनचाहे परिणाम तो मिलने का प्रश्न ही नहीं पैदा होता, वह आंतरिक सौंदर्य को बढाने के प्रयासों से भी हाथ धो बैठता है।

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