अनमोल वचन

अनमोल वचन

प्रत्येक प्राणी शांति चाहता है, क्योंकि अशांति जीवन को नरक बना देती है, परन्तु प्रश्न यह है कि शांति आये कैसे? क्योंकि शांति का आधार तो व्यक्ति के विचार हैं, चिंतन है और विचार आज कैसे हैं, छोटे, गन्दे विनाश की ओर ले जाने वाले। वही स्वार्थ, वही अभिमान, वही लालच, वही अहंकार, वही हर बात में मैं-मैं-मैं। इस प्रकार तो काम नहीं चलेगा। गंदे विचारों को बदलना, अच्छे विचारों को मन में जगाना बहुत जरूरी है, तभी तो शान्ति का आधार तय होगा। विचारों में श्रेष्ठता तब आयेगी, जब मनुष्य स्वतंत्र होगा। विदेशी शासन की दासतां से तो हमें स्वतंत्र हुए आधी शताब्दी से अधिक समय हो चुका है, परन्तु मनुष्य तो स्वतंत्र तब होगा, जब इन्द्रियों की दासतां का फंदा तोडने में वह सफल हो जाये। सच्चाई यह है कि दिन प्रतिदिन हम इन्द्रियों के अधिक आधीन हो गये हैं। इस कारण चारों ओर का विषैला वातावरण हमारे चरित्र को दूषित कर रहा है। गंदे गीत, अश्लील फिल्में, टी.वी. पर बुद्धि को खराब करने वाले धारावाहिक हमें पतन की ओर ले जा रहे हैं। रही सही कमी को स्मार्ट फोन ने पूरा कर दिया है। इनका दुरूपयोग बंद करके उनके लाभकारी पक्ष का सदुपयोग किया जाये तो विचारों में पवित्रता की संभावना बन सकती है।

Share it
Top