अनमोल वचन

अनमोल वचन

भविष्य को शुभ बनाने का सबसे सीधा रास्ता है वर्तमान को शुभ बनाना। मनुष्य का वर्तमान जीवन अतीत का ऋणी है और भविष्य का आधार। वर्तमान के शुभत्म में अतीत का योगदान तो अवश्य है, परन्तु केवल अतीत के आधार पर जीना विकास के रास्ते बंद करना है और केवल भविष्य के सपनों के आधार पर जीना शेखचिल्ली बनना है। अतीत और भविष्य दो छोर हैं, इनके बीच वर्तमान है। अतीत से बेहतर वर्तमान को बनाया जाये तो भविष्य का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, वर्तमान की स्वस्थता भविष्य के स्वास्थ्य का संकेत है। भूतकाल जो बीत चुका है, वह लौटेगा नहीं, उसके विषय में सोचकर और कल (भविष्य) जो अभी आया नहीं, उसके प्रति आशंकित होकर हम वर्तमान के स्वास्थ्य को बिगाड देते हैं। हमारा मन या तो भूतकाल में रहता है अथवा भविष्य में खोया रहता है, जिसका प्रभाव हमारे वर्तमान पर पडता है, इसलिए भूत भविष्य की चिंता छोड वर्तमान में जियो, वर्तमान को संवारो, तो भविष्य स्वत: ही संवार जायेगा।

Share it
Top