अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol-vachan-logoमन में अंधकार है तो जीवन में भी अंधकार होगा। मन में ही इच्छाएं जन्म लेती हैं, मन में ही लालसा पैदा होती है। मन ही हमें कुमार्ग पर चलने को उकसाता है। इन सब प्रपंचों से बचने के लिये मन को समझाओ, मन की साधना करो। मन से कहो कि वह छल-कपट से दूर रहे। मन के अन्धकार को मिटाओ, उसमें उजाला स्थापित करो। अन्धकार मिटेगा तो भ्रम भी मिट जायेंगे। स्वार्थ समाप्त हो जायेंगे। तब आप अपने तक सीमित नहीं रहोगे। दूसरों के शुभ के लिये भी सोचोगे तो प्रभु कृपा के पात्र बन जाओगे। उस समय यह अनुभूति होगी कि मुझे प्रभु कृपा के रूप में सच्ची दौलत प्राप्त हो गई है। इस दौलत से यह जन्म भी सुधरेगा और अगला भी, मानव जीवन की अन्तिम परीक्षा मृत्यु है। जिसका यह जीवन सुधरा है, उसकी मृत्यु भी सुधर जायेगी। जीवन उसका सुधरता है, जिसका समय सुधरा होता है। समय उसी का सुधरता है, जो समय के मूल्य को जानता है, इसलिए क्षण-क्षण और कण-कण का उपयोग करना चाहिए।
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